आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वॉशिंगटन से आई एक नई रिसर्च ने खाने की आदतों को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने रखी है। आमतौर पर माना जाता है कि वजन बढ़ने की वजह ज्यादा खाना या हाई फैट डाइट होती है, लेकिन इस अध्ययन में पाया गया कि ब्रेड जैसे कार्बोहाइड्रेट भी बिना अतिरिक्त कैलोरी लिए वजन बढ़ा सकते हैं।
यह अध्ययन Osaka Metropolitan University के प्रोफेसर Shigenobu Matsumura की टीम ने किया। शोध में चूहों पर प्रयोग कर यह समझने की कोशिश की गई कि कार्बोहाइड्रेट शरीर के मेटाबॉलिज्म को कैसे प्रभावित करते हैं।
रिसर्च में पाया गया कि चूहे ब्रेड, चावल और गेहूं जैसे कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों को ज्यादा पसंद करने लगे और उन्होंने अपना सामान्य खाना छोड़ दिया। हैरानी की बात यह रही कि उन्होंने ज्यादा कैलोरी नहीं ली, फिर भी उनका वजन और शरीर में फैट बढ़ गया।
शोधकर्ताओं के अनुसार, इसका मुख्य कारण ज्यादा खाना नहीं, बल्कि शरीर द्वारा ऊर्जा का कम खर्च होना है। यानी शरीर कैलोरी जलाने की गति धीमी हो गई, जिससे फैट जमा होने लगा। इस दौरान चूहों के खून में फैटी एसिड का स्तर बढ़ा और लिवर में भी वसा जमा होने के संकेत मिले।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि चावल जैसे अन्य कार्बोहाइड्रेट भी समान प्रभाव दिखाते हैं। जब चूहों की डाइट से गेहूं हटाया गया, तो उनका वजन और मेटाबॉलिक स्थिति तेजी से सुधरने लगी।
शोध टीम का मानना है कि समस्या किसी एक खाद्य पदार्थ में नहीं, बल्कि कार्बोहाइड्रेट के प्रति बढ़ती पसंद और उससे जुड़ी मेटाबॉलिक प्रक्रिया में है। यह भी संकेत मिला कि संतुलित आहार, जिसमें प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व शामिल हों, वजन को नियंत्रित रखने में ज्यादा प्रभावी हो सकता है।
हालांकि यह अध्ययन अभी जानवरों पर आधारित है, लेकिन शोधकर्ता अब इंसानों पर इसके प्रभाव को समझने की तैयारी कर रहे हैं। भविष्य में यह रिसर्च डाइट और न्यूट्रिशन से जुड़ी गाइडलाइन बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेड या कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, लेकिन संतुलन और सही मात्रा बेहद जरूरी है।