आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय बृहस्पतिवार से पोषण पखवाड़े के आठवें संस्करण का आयोजन करेगा, जिसमें पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस वर्ष के पोषण पखवाड़े का विषय ‘‘जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास सुनिश्चित करना’’ होगा, जो देश भर में पोषण संबंधी परिणामों में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
पोषण पखवाड़ा नौ से 23 अप्रैल तक मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के नेतृत्व में और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर तथा महिला एवं बाल विकास सचिव अनिल मलिक की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, यह विषय इस बात को मान्यता देता है कि प्रारंभिक बचपन, विशेष रूप से जीवन के शुरुआती 1,000 दिन, मस्तिष्क के विकास, शारीरिक वृद्धि और समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि मस्तिष्क का 85 प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है, जो समग्र पोषण, संवेदनशील देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।’’
इस वर्ष के विषय के अंतर्गत ध्यान देने वाले प्रमुख क्षेत्र गर्भावस्था के दौरान समग्र पोषण को बढ़ावा देना, स्तनपान और आयु-उपयुक्त पूरक आहार के माध्यम से मातृ एवं शिशु पोषण हैं।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तीन वर्ष तक की आयु के बच्चों में मस्तिष्क के विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन प्रदान करना है, जिसके लिए संवेदनशील देखभाल और प्रारंभिक प्रशिक्षण की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।