गायक मोहम्मद दानिश अब भूखों के लिए शुरू करेंगे 'दस्तरख्वान ए हुसैन'

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 24-05-2026
Singer Mohammed Danish will now launch 'Dastarkhwan-e-Husain' for the hungry.
Singer Mohammed Danish will now launch 'Dastarkhwan-e-Husain' for the hungry.

 

मलिक असगर हाशमी/ नई दिल्ली

रियलिटी शो इंडियन आइडल सीजन 12से अपनी जादुई आवाज का लोहा मनवाने वाले गायक मोहम्मद दानिश को आज कौन नहीं जानता। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से ताल्लुक रखने वाले दानिश ने अपने ऊंचे सुरों और बेहतरीन गायिकी से देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। अब यह मशहूर युवा गायक संगीत की दुनिया से इतर एक बिल्कुल अलग तरह की मुहिम से जुड़ने जा रहे हैं। दानिश अब समाज सेवा के मैदान में उतर रहे हैं। उनका यह नया कदम भूखे लोगों को खाना खिलाने की एक बड़ी मानवीय पहल है।

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मोहम्मद दानिश जल्द ही अपने गृहनगर मुजफ्फरनगर में एक बड़ा लंगरखाना स्थापित करने जा रहे हैं। इसके लिए वे मुजफ्फरनगर के एक पुराने हिस्से को नया रूप दे रहे हैं। इस लंगरखाने का नाम 'दस्तरख्वान ए हुसैन' रखा जाएगा। दानिश का संकल्प है कि इस इलाके से गुजरने वाला कोई भी जरूरतमंद इंसान कभी भूखे पेट नहीं सोए। उनका यह कदम कला के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।

अगर मोहम्मद दानिश के अब तक के सफर पर नजर डालें तो उनकी जड़ें संगीत से बहुत गहराई से जुड़ी हैं। दानिश का जन्म उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मशहूर किराना घराने में हुआ था। संगीत विरासत में मिलने के कारण उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही शास्त्रीय संगीत सीखना शुरू कर दिया था।

जब वे महज चार साल के थे तब से उनके दादा उस्ताद अब्दुल करीम खान ने उन्हें संगीत की तालीम देना शुरू किया था। दानिश ने अपने म्यूजिकल करियर की शुरुआत टेलीविजन के चर्चित शो 'वॉइस ऑफ पंजाब' के छठे सीजन से की थी। इस शो में वे न केवल दर्शकों के पसंदीदा प्रतियोगी बने बल्कि फिनाले तक का सफर भी तय किया।

इसके बाद दानिश ने 'द वॉइस इंडिया' के दूसरे सीजन में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। इस मंच ने उन्हें देश भर में पहचान दिलाना शुरू कर दिया था। इसके बाद इंडियन आइडल के 12वें सीजन ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

इस शो में नेहा कक्कड़, हिमेश रेशमिया और विशाल ददलानी जैसे दिग्गज संगीतकारों ने उनकी गायिकी को खूब सराहा। दानिश सोशल मीडिया और खासकर यूट्यूब पर भी बेहद लोकप्रिय हैं। उनके ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 13लाख से ज्यादा चाहने वाले जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही वे 'सुपरस्टार सिंगर 2' जैसे शो की मेजबानी भी कर चुके हैं। उनके छोटे भाई ताबिश अली भी संगीत की दुनिया से जुड़े हैं।

इस बड़ी कामयाबी के बाद अब दानिश जिंदगी के एक नए सफर पर आगे बढ़ रहे हैं। शिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मोहम्मद दानिश का मानना है कि संगीत की बदौलत भगवान और दर्शकों ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। उन्होंने अपनी गायिकी के दम पर शोहरत और दौलत दोनों खूब कमाई है। दानिश कहते हैं कि अब समय आ गया है कि वे इस हासिल की गई चीजों को समाज के साथ बांटें।

 

एक हालिया पॉडकास्ट कार्यक्रम के दौरान जब दानिश से उनके इस ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बड़े उत्साह से इसकी पूरी योजना साझा की। दानिश ने बताया कि मुजफ्फरनगर में बनने जा रहा 'दस्तरख्वान ए हुसैन' इसी साल मुहर्रम के पवित्र महीने से शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी साफ किया कि यह कोई कुछ दिनों की व्यवस्था नहीं होगी। यह लंगरखाना साल के बारह महीने और सालों साल निरंतर चलता रहेगा ताकि किसी भी गरीब और बेसहारा व्यक्ति को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े।

इसमें कोई दोराय नहीं है कि दानिश ने बेहद कम उम्र और बहुत कम समय में आज के दौर के चर्चित गायकों के बीच अपना एक मजबूत मुकाम बनाया है। इसके बावजूद आज उनके भीतर मौजूदा दौर के बड़े गायकों से आगे निकलने की वैसी होड़ नहीं दिखती जैसी ललक उनके मन में इस लंगरखाने को लेकर है। वे इस समय अपनी पूरी ऊर्जा समाज के वंचित वर्ग की सेवा में लगाने के लिए उत्सुक दिख रहे हैं।

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इसी पॉडकास्ट के दौरान जब उनसे संगीत की दुनिया में उनके आदर्श के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बड़ा ही बेबाक जवाब दिया। दानिश ने कहा कि उनके एकमात्र रोल मॉडल महान सूफी गायक नुसरत फतेह अली खान रहे हैं। चूंकि अब खान साहब इस दुनिया में नहीं हैं इसलिए वे मौजूदा दौर के किसी भी दूसरे गायक को अपना आइडियल नहीं मानते हैं। हालांकि उन्होंने यह इच्छा जरूर जताई कि वे आज के दौर के बेहतरीन कलाकारों के साथ मिलकर काम करना पसंद करेंगे।

मोहम्मद दानिश की यह नई पहल यह साफ करती है कि कोई कलाकार अपनी कला से सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करता बल्कि वह चाहे तो समाज में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव भी ला सकता है। मुजफ्फरनगर में शुरू होने जा रहा यह 'दस्तरख्वान ए हुसैन' आने वाले दिनों में हजारों भूखे लोगों का सहारा बनेगा। दानिश का यह कदम उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो कामयाबी हासिल करने के बाद अपनी जड़ों और समाज को भूल जाते हैं।