आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राजस्थान के कोटा में सिजेरियन (सी-सेक्शन) प्रसव के बाद संक्रमण के कारण चार महिलाओं की मौत के मद्देनजर राज्य की प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) गायत्री राठौर ने अस्पतालों के आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर (ओटी), गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में उपचार प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है।
राठौर ने सोमवार रात यहां 'न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल' (एनएमसीएच) के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू का दौरा किया और वहां प्रसूताओं पिंकी, धन्नी बाई और आरती के परिजनों से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
उन्होंने आईसीयू में भर्ती रागिनी मीणा से भी बात की और बताया कि उनकी स्थिति में अब काफी सुधार है।
एनएमसीएच और जेके लोन अस्पताल में दो-दो महिलाओं की सिजेरियन प्रसव के बाद उत्पन्न जटिलताओं के कारण मौत हो गई थी।
सोमवार को दिहाड़ी मजदूर चंद्र प्रकाश की पत्नी पिंकी महावर (30) की सिजेरियन प्रसव के बाद संक्रमण के कारण मौत हो गई। 22 वर्षीय प्रिया महावर की 9 और 10 मई की दरमियानी रात को जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद गुर्दे में संक्रमण होने से मृत्यु हो गई।
इससे पहले पायल (26) और ज्योति नायक (19) की मृत्यु क्रमशः 5 और 7 मई को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हो गई थी।
एक बयान के अनुसार, स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मरीजों के उपचार की निगरानी वरिष्ठ गुर्दा रोग (नेफ्रोलॉजी) विशेषज्ञ डॉ. धनंजय अग्रवाल कर रहे हैं।
डॉ. विकास खंडेलिया ने संक्रमण प्रभावित अन्य महिलाओं के इलाज के बारे में राठौर को जानकारी दी। राठौर ने नेफ्रोलॉजी वार्ड में स्थानांतरित की गईं चंद्रकला और सुशीला से भी मुलाकात की। उनके परिजनों ने बताया कि दोनों की स्थिति अब काफी बेहतर है।
बाद में सोमवार को अधिकारी ने एनएमसीएच में एक बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सकों से उनकी राय जानी और संक्रमण से हुई मौतों के सभी संभावित कारणों पर विस्तृत चर्चा की।
वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ बैठक में राठौर ने निर्देश दिया कि जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी-सीएचसी) स्तर तक संक्रमण मुक्त ऑपरेशन थिएटर सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि चिकित्सा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा उपकरणों, पवन ऊर्जा उपकरणों जैसे स्वच्छ प्रौद्योगिकी एवं हरित ऊर्जा में भारत के आत्मनिर्भर बनने पर जोर देते हुए कहा, ‘‘एक बार जब भारत स्वच्छ ऊर्जा और प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भर हो जाएगा, तो देश न केवल कच्चे तेल के आयात के लिए तेल उत्पादक और निर्यातक देशों पर अपनी निर्भरता कम करेगा, बल्कि सौर एवं पवन ऊर्जा उपकरण, इलेक्ट्रिक वाहन के पुर्जे और अन्य उत्पादों के लिए चीन और अन्य देशों पर अपनी निर्भरता भी कम करेगा।’’जनमत संग्रह में मतदाताओं से पूछा गया था कि क्या एसेक्विबो को वेनेजुएला का राज्य बनाया जाना चाहिए।
मादुरो को तीन जनवरी को कराकास में अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया था, जहां उन पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है।
रोड्रिगेज ने जनमत संग्रह पर सीधे टिप्पणी नहीं की, लेकिन अदालत से कहा कि 1966 का समझौता वेनेजुएला और गुयाना के बीच बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने के लिए बनाया गया था। उन्होंने गुयाना सरकार पर अदालत का रुख कर समझौते को कमजोर करने का आरोप लगाया।
पिछले सप्ताह सुनवाई शुरू होने पर गुयाना के विदेश मंत्री ह्यूज हिल्टन टॉड ने न्यायाधीशों से कहा था कि यह विवाद “संप्रभु राष्ट्र के रूप में हमारे अस्तित्व पर शुरू से ही एक दाग रहा है।” उन्होंने कहा कि गुयाना का 70 प्रतिशत क्षेत्र दांव पर लगा है।