अगर तान्या साथ न होतीं तो शायद मैं खो जाता, बॉबी देओल ने बयां किया संघर्ष का दर्द

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 02-06-2026
"If Tanya hadn't been by my side, I probably would have lost my way"—Bobby Deol opens up about the pain of his struggle.

 

नई दिल्ली

बॉलीवुड अभिनेता Bobby Deol आज अपने करियर के दूसरे सुनहरे दौर का आनंद ले रहे हैं। फिल्म Animal में दमदार भूमिका निभाने के बाद उन्हें नई पहचान और लोकप्रियता मिली है। लेकिन सफलता की इस चमक के पीछे संघर्ष, निराशा और अकेलेपन से भरा एक लंबा दौर भी रहा है। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में बॉबी देओल ने अपने जीवन के उस कठिन अध्याय को याद किया, जब उनके पास काम नहीं था, करियर ठहर चुका था और वे शराब की लत से जूझ रहे थे।

1990 के दशक में कई सफल फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले बॉबी देओल का करियर समय के साथ धीमा पड़ने लगा। एक समय ऐसा आया जब उन्हें फिल्मों के प्रस्ताव मिलने लगभग बंद हो गए। लगातार काम न मिलने के कारण उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हुआ और वे गहरे अवसाद जैसी स्थिति में पहुंच गए।

इंटरव्यू के दौरान बॉबी ने स्वीकार किया कि बेरोजगारी के उस दौर में उनकी आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि काम न होने के कारण आमदनी लगभग खत्म हो गई थी और परिवार की जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान वे शराब की ओर आकर्षित होने लगे।

बॉबी ने बताया, “शराब की लत बेहद खतरनाक होती है। ऐसा नहीं था कि मैं रोज पीता था, लेकिन जब भी पीता था तो पूरी तरह बदल जाता था। मैं खुद को खो देता था और नकारात्मकता में डूब जाता था।”

उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में कई लोग उनसे दूर हो गए थे। जो लोग कभी उनके आसपास दिखाई देते थे, वे धीरे-धीरे गायब होने लगे। लेकिन उनकी पत्नी Tanya Deol ने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा।

भावुक होते हुए बॉबी ने कहा, “अगर तान्या चाहतीं तो मुझे उस हालत में छोड़ सकती थीं। उनके पास ऐसा करने का पूरा अधिकार था। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वह हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं, मुझे संभाला और आगे बढ़ने की हिम्मत दी। अगर वह मेरे साथ नहीं होतीं, तो शायद मैं हमेशा के लिए खो जाता।”

उन्होंने बताया कि उस समय परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी तान्या ने ही संभाली। जब वे घर पर बैठे रहते थे, तब उनकी पत्नी काम करके पूरे परिवार का खर्च उठाती थीं। यही समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना।

बॉबी ने अपने बड़े बेटे आर्यमन से जुड़ा एक ऐसा प्रसंग भी साझा किया जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। उन्होंने बताया कि एक दिन उनके बेटे ने अपनी मां से मासूमियत से पूछा, “मम्मी, आप रोज ऑफिस क्यों जाती हैं और पापा पूरे दिन घर पर क्यों रहते हैं?”

बेटे का यह सवाल बॉबी के दिल में गहराई तक उतर गया। उन्होंने महसूस किया कि अब उन्हें अपनी जिंदगी को नए सिरे से संवारना होगा। उसी पल उन्होंने खुद को बदलने का फैसला किया।

इसके बाद बॉबी ने शराब से दूरी बनाई, अपनी फिटनेस पर ध्यान दिया और दोबारा अभिनय की दुनिया में वापसी की तैयारी शुरू की। वर्षों की मेहनत और धैर्य का परिणाम उन्हें ‘एनिमल’ जैसी फिल्म के रूप में मिला, जिसने उनके करियर को नई उड़ान दी।

आज बॉबी देओल की कहानी केवल एक अभिनेता की वापसी की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी उदाहरण है कि परिवार का साथ, आत्मविश्वास और हार न मानने का जज्बा किसी भी व्यक्ति को मुश्किल दौर से बाहर निकाल सकता है।