‘Harming the body to look good is not right’: Taapsee Pannu
नई दिल्ली:
बॉलीवुड अभिनेत्री Taapsee Pannu ने महिलाओं पर बढ़ते सौंदर्य दबाव और सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली तथाकथित ‘परफेक्ट बॉडी’ की संस्कृति को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि केवल तस्वीरों में अच्छा दिखने के लिए अपने शरीर को तकलीफ देना न तो स्वस्थ सोच है और न ही यह लंबे समय तक किसी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में तापसी पन्नू ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया ने सुंदरता के ऐसे मानक स्थापित कर दिए हैं, जिन्हें हासिल करने के लिए कई लोग खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाल रहे हैं। खासकर महिलाएं एक आदर्श शारीरिक बनावट पाने की कोशिश में अपने खानपान, जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य तक को प्रभावित कर रही हैं।
तापसी के अनुसार, सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली तस्वीरें अक्सर वास्तविकता का पूरा सच नहीं बतातीं। उन्होंने कहा कि लोग किसी अभिनेता या मॉडल की एक आकर्षक तस्वीर देखकर उसे वास्तविक जीवन का प्रतिबिंब मान लेते हैं, जबकि उस तस्वीर के पीछे घंटों की तैयारी, विशेष प्रकाश व्यवस्था, मेकअप, कैमरा एंगल और कई बार डिजिटल एडिटिंग का भी बड़ा योगदान होता है।
अभिनेत्री ने कहा, “कई लोग तथाकथित परफेक्ट बॉडी पाने के लिए अपने ऊपर बेहद सख्त नियंत्रण रखते हैं। लेकिन सिर्फ इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अच्छा दिखने के लिए अपने शरीर को प्रताड़ित करना उचित नहीं है। वास्तविक जीवन और सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली तस्वीरों के बीच बहुत बड़ा अंतर होता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति का आत्मविश्वास और स्वास्थ्य उसके बाहरी रूप से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। समाज को लोगों का मूल्यांकन केवल उनकी शारीरिक बनावट के आधार पर नहीं करना चाहिए। तापसी का मानना है कि शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी है, लेकिन इसे अवास्तविक सौंदर्य मानकों के अनुरूप ढालने का दबाव नुकसानदेह हो सकता है।
इस दौरान अभिनेत्री ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करते समय उन्हें कई बार ऐसे निर्देश दिए गए, जिनसे वे असहज महसूस करती थीं। तापसी ने कहा कि कुछ मौकों पर उन्हें कैमरे के सामने अपने शरीर को एक खास तरीके से प्रस्तुत करने के लिए विशेष प्रकार के कपड़े पहनने और पैडेड ब्रा का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी।
उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय ऐसे निर्देशों ने उन्हें शर्मिंदगी और असहजता का एहसास कराया। अभिनेत्री का कहना है कि फिल्म उद्योग में अब परिस्थितियां पहले की तुलना में बेहतर हुई हैं, लेकिन महिलाओं पर दिखने के तरीके को लेकर दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
तापसी पन्नू की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया के प्रभाव, बॉडी इमेज और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज हो रही है। विशेषज्ञ भी लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि अवास्तविक सौंदर्य मानकों की होड़ युवाओं के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है। ऐसे में तापसी का संदेश यह याद दिलाता है कि सुंदरता से अधिक महत्वपूर्ण स्वस्थ और आत्मविश्वासी होना है।