आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) द्वारा 23 अप्रैल की शाम चार बजे 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए, जिसके बाद पूरे प्रदेश में छात्रों और अभिभावकों के बीच उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। इसी बीच गाजियाबाद जिले से एक बेहद खास और प्रेरणादायक परिणाम सामने आया, जहां 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के जिला टॉपर एक ही विद्यालय—महर्षि दयानंद विद्यापीठ—के छात्र निकले। इस अनोखी उपलब्धि ने न केवल स्कूल का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय भी बन गई है।
गाजियाबाद के इस स्कूल ने इस वर्ष की जिला मेरिट सूची में अपना मजबूत दबदबा कायम किया है। 12वीं कक्षा में इसी विद्यालय के छात्र टिमोटी मंडल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। टिमोटी ने कुल 500 अंकों में से 467 अंक हासिल किए, जो 93.40 प्रतिशत के बराबर हैं। उनकी इस सफलता ने परिवार, स्कूल और पूरे इलाके में गर्व का माहौल पैदा कर दिया है। वहीं दूसरी ओर 10वीं कक्षा में इसी विद्यालय के एक और छात्र अयान खान ने जिले में टॉप करके स्कूल की उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। अयान ने 600 में से 572 अंक प्राप्त किए, जो 95.33 प्रतिशत बैठता है। यह प्रदर्शन उनकी निरंतर मेहनत और अनुशासित पढ़ाई का परिणाम माना जा रहा है।
दोनों ही छात्रों की पृष्ठभूमि साधारण परिवारों से जुड़ी हुई है, लेकिन उनकी उपलब्धि असाधारण है। टिमोटी मंडल के पिता एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। इसी तरह अयान खान के पिता छोटे व्यवसाय से जुड़े हैं और उनकी माता भी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों छात्रों ने यह साबित किया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है। उनके परिवारों में परिणाम आने के बाद खुशी और गर्व का माहौल है, और आस-पड़ोस के लोग भी उनकी उपलब्धि पर बधाइयाँ दे रहे हैं।
अपनी सफलता को लेकर दोनों छात्रों ने बताया कि उन्होंने पूरे वर्ष पढ़ाई पर गहन ध्यान केंद्रित किया और अनावश्यक चीजों से दूरी बनाए रखी। टिमोटी मंडल ने कहा कि उन्होंने नियमित अध्ययन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया और किसी भी विषय को अधूरा नहीं छोड़ा। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें उम्मीद थी कि उनके अंक और बेहतर हो सकते थे, लेकिन वे अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं और आगे और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। उनका लक्ष्य आगे चलकर एक सफल इंजीनियर बनने का है।
दूसरी ओर अयान खान ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी निरंतर मेहनत और अनुशासन को दिया। उन्होंने विशेष रूप से यह बताया कि उन्होंने पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। उनके अनुसार, आज के समय में सोशल मीडिया छात्रों के लिए सबसे बड़ा ध्यान भटकाने वाला माध्यम बन चुका है, और यदि विद्यार्थी वास्तव में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो उन्हें अनावश्यक डिजिटल व्यस्तताओं से दूर रहना चाहिए। अयान ने अन्य छात्रों को भी यही सलाह दी कि पढ़ाई के समय ध्यान भटकाने वाली आदतों से बचना बेहद जरूरी है।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी दोनों छात्रों की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है और कहा है कि यह सफलता उनके अनुशासन, समर्पण और नियमित अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि महर्षि दयानंद विद्यापीठ हमेशा से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण के लिए जाना जाता रहा है, और इस वर्ष के परिणाम ने इस पहचान को और मजबूत किया है।
गाजियाबाद जिले के शिक्षा जगत के लिए यह परिणाम इसलिए भी विशेष है क्योंकि एक ही स्कूल से दोनों कक्षाओं के टॉपर निकलना एक दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। यह न केवल स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत के साथ विद्यार्थी किसी भी स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
इस उपलब्धि के बाद दोनों छात्र अब अपने अगले शैक्षणिक लक्ष्य की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। परिवार, शिक्षक और सहपाठी सभी उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दे रहे हैं। यह कहानी उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है जो मेहनत और अनुशासन के साथ अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।