बाराबंकी
पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थान मदरसा दारुलरशाद, बंकी (बाराबंकी) में नए शैक्षिक सत्र (1447-48) के शुभारंभ के अवसर पर एक भव्य शैक्षिक उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान के सदर महतमीम हज़रत मौलाना सैयद अशहद रशीदी (दामत बरकातुहुम), महतमीम मदरसा शाही मुरादाबाद एवं अध्यक्ष जमीयत उलमा उत्तर प्रदेश की सरपरस्ती में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मदरसा के नाज़िम एवं कार्यवाहक अध्यक्ष जमीयत उलमा जिला बाराबंकी मौलाना मोहम्मद हुदैफा कासमी (कानपुरी) ने की। मंच संचालन के दायित्व को मुफ्ती आफताब आलम कासमी (सीतापुर) ने निभाया। कार्यक्रम का शुभारंभ मदरसा के छात्र हाफिज हकीमुद्दीन द्वारा पवित्र कुरान की तिलावत से हुआ। इसके बाद छात्र मोहम्मद हसनैन ने पैगंबर हज़रत मुहम्मद ﷺ की शान में नात प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में मदरसा के शिक्षक मौलाना मोहम्मद शुएब कासमी (सीतापुर) ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों को मेहनत और लगन के साथ शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। उन्होंने अकाबिर और पूर्वजों के जीवन से प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किए और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
क़ारी फैज़ुल हुदा फैज़ी, जो मदरसा के एक अन्य शिक्षक हैं, ने अपने विचार रखते हुए कहा कि शिक्षा ही वह साधन है जिसके माध्यम से मानव को सभी प्राणियों में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान अर्जन के लिए प्रेरित किया।
मदरसा के शिक्षक एवं नाज़िम दारुलइक़ामत मौलाना मोहम्मद असलम कासमी ने छात्रों को छात्रावास के नियम, अनुशासन और दैनिक दिनचर्या के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अनुशासन के पालन पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्षीय संबोधन में मौलाना मोहम्मद हुदैफा कासमी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि गुनाहों से पूरी तरह बचना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से मोबाइल फोन के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक समय में शिक्षा के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा अनियंत्रित मोबाइल उपयोग है।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने पूर्वजों के मार्ग पर चलते हुए कठोर परिश्रम करें और व्यर्थ गतिविधियों से दूर रहें। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में गंभीरता और अनुशासन अपनाना चाहिए।
अंत में नाज़िम की दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर मदरसे के सभी शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी मुफ्ती आफताब आलम कासमी द्वारा दी गई।