नीट प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी: शुभेंदु

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-07-2026
Strict action will be taken against those who attacked journalists during NEET protest: Shubhendu
Strict action will be taken against those who attacked journalists during NEET protest: Shubhendu

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नीट (राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा) प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ निकाले गए मार्च के दौरान पत्रकारों पर हुए हमलों की शनिवार को निंदा की और आश्वासन दिया कि हाल में पारित गुंडा अधिनियम के तहत उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
 
शुभेंदु ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा शुक्रवार को कोलकाता में निकाले गए विरोध मार्च के दौरान पत्रकारों और फोटो पत्रकारों पर हुए हमले के संबंध में पश्चिम बंगाल विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि वहां मौजूद करीब 70 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था।
 
उन्होंने उपद्रवियों के खिलाफ ‘‘सख्त से सख्त कार्रवाई’’ का आश्वासन देते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ हाल में पारित गुंडा अधिनियम की धारएं लगाई गई हैं।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपद्रवियों ने पहले जूते और पानी की बोतलें फेंकीं तथा जब स्थिति को बिगाड़ने के उनके कई प्रयासों के बावजूद पुलिस उनके जाल में नहीं फंसी तो उन्होंने पत्रकारों को निशाना बनाया।
 
उन्होंने आश्वासन दिया कि पश्चिम बंगाल लोक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधि नियंत्रण अधिनियम, 2026 के तहत उपद्रवियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कानून को आम तौर पर गुंडा अधिनियम कहा जाता है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के स्वयंभू सदस्य द्वारा घोषित ‘‘यूनाइटेड कॉकरोच मार्च’’ के बैनर तले वामपंथी और अति-वामपंथी संगठनों ने शुक्रवार को रैली निकाली।
 
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक देश में कोई भी व्यक्ति कानून का पालन करते हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर सकता है।’’
 
उन्होंने कहा कि पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होने तक कोई कार्रवाई न की जाए।
 
उन्होंने कोलकाता पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उपद्रवी चाहते थे कि पुलिस लाठीचार्ज करे, आंसू गैस के गोले छोड़े और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाए लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें ऐसा कोई अवसर नहीं दिया।