प्रो. सैयद ऐनुल हसन का मानू कुलपति कार्यकाल बढ़ाया गया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 24-07-2026
Prof. Syed Ainul Hasan's tenure as MANUU Vice-Chancellor extended.
Prof. Syed Ainul Hasan's tenure as MANUU Vice-Chancellor extended.

 

हैदराबाद

मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (मानू) के कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन के कार्यकाल को आधिकारिक रूप से बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. इश्तियाक अहमद ने गुरुवार को अधिसूचना जारी की। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से 22 जुलाई 2026 को प्राप्त आधिकारिक पत्र के अनुसार, भारत की राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय की विजिटर (Visitor) के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रो. सैयद ऐनुल हसन के कुलपति पद के कार्यकाल के विस्तार को मंजूरी प्रदान की है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे प्रो. सैयद ऐनुल हसन के उल्लेखनीय शैक्षणिक योगदान और विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।

शैक्षणिक नेतृत्व को मिला सम्मान

विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रो. सैयद ऐनुल हसन के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों के दौरान मानू ने शिक्षा, अनुसंधान, गुणवत्ता और संस्थागत विकास के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए उनके कार्यकाल का विस्तार किया गया है, ताकि विश्वविद्यालय की विकास यात्रा बिना किसी बाधा के आगे बढ़ती रहे।

प्रशासन का मानना है कि उनके नेतृत्व में शुरू की गई विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक पहल आने वाले वर्षों में भी विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होंगी।

2021 में बने थे पांचवें कुलपति

गौरतलब है कि प्रो. सैयद ऐनुल हसन को 23 जुलाई 2021 को मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय का पांचवां कुलपति नियुक्त किया गया था। उन्होंने 28 जुलाई 2021 को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया था।

पद संभालने के बाद से उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर को मजबूत करने, नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रमों का विस्तार करने और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय की पहचान को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए।

मानू को मिली कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां

प्रो. सैयद ऐनुल हसन के कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज कीं। उनके नेतृत्व में मानू को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से ए+ ग्रेड प्राप्त हुआ, जिसे विश्वविद्यालय की गुणवत्ता और शैक्षणिक उत्कृष्टता का बड़ा प्रमाण माना जाता है।

इसके अलावा विश्वविद्यालय ने पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स: एशिया 2026 में अपनी जगह बनाई। साथ ही शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में भी विश्वविद्यालय ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा और मजबूत हुई।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप हुए कई बदलाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप प्रो. सैयद ऐनुल हसन के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में कई नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किए गए। इसी क्रम में स्कूल ऑफ लॉ की स्थापना की गई, जहां एलएलबी (LL.B.) सहित विभिन्न विधि पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

विश्वविद्यालय ने समय की मांग के अनुरूप कई नवाचार आधारित पाठ्यक्रम भी शुरू किए, ताकि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

वाराणसी परिसर की स्थापना

उनके कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानू के वाराणसी परिसर की स्थापना भी रही। इस परिसर में बी.एड. कॉलेज के साथ-साथ दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस लर्निंग) के विद्यार्थियों के लिए क्षेत्रीय केंद्र (रीजनल सेंटर) भी स्थापित किया गया है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि इस पहल से पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उर्दू माध्यम उच्च शिक्षा तक बेहतर पहुंच मिली है।

पद्मश्री से भी हुए सम्मानित

प्रो. सैयद ऐनुल हसन के शैक्षणिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया। इसी क्रम में उन्हें जनवरी 2025 में भारत सरकार द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मानू के लिए भी गौरव का विषय है।

विश्वविद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएं

कार्यकाल बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. इश्तियाक अहमद, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने प्रो. सैयद ऐनुल हसन को बधाई दी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में भी शिक्षा, शोध, नवाचार और संस्थागत विकास के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।

कुलपति ने जताया आभार

कार्यकाल बढ़ाए जाने पर प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने भारत की राष्ट्रपति, शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि विस्तारित कार्यकाल के दौरान भी वे विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मानू को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप एक आधुनिक, शोधोन्मुख और वैश्विक पहचान वाला विश्वविद्यालय बनाने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।