MANUU लखनऊ कैंपस में छह दिवसीय छात्र इंडक्शन कार्यक्रम

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 11-08-2026
Six-day student induction program concludes at MANUU Lucknow Campus.
Six-day student induction program concludes at MANUU Lucknow Campus.

 

लखनऊ।

मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के लखनऊ कैंपस में नए शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों के लिए आयोजित छह दिवसीय दीक्षारंभ (स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम) का 8 अगस्त 2026 को समापन हुआ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल से परिचित कराने के साथ उनके व्यक्तित्व, सामाजिक समझ और करियर संबंधी दृष्टिकोण को विकसित करना था।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. हुमा याकूब, प्रभारी, MANUU लखनऊ कैंपस ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छह दिनों के इस कार्यक्रम ने छात्रों को विश्वविद्यालय के वातावरण को समझने तथा अपने अकादमिक, व्यक्तिगत और सामाजिक दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का महत्वपूर्ण अवसर दिया।

उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के निरंतर सहयोग से कैंपस में शैक्षणिक, सांस्कृतिक और छात्र-केंद्रित गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिली है।

शिक्षा से करियर तक विभिन्न विषयों पर सत्र

छात्र इंडक्शन कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, करियर, मानसिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, भाषा, संस्कृति, तकनीक और शैक्षणिक मूल्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को जानकारी दी।

कार्यक्रम की शुरुआत 3 अगस्त को प्रो. हुमा याकूब के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद अंग्रेजी, उर्दू, अरबी, फारसी, हिंदी और स्नातक कार्यक्रमों के अकादमिक समन्वयकों ने विभागीय परिचय और ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए।

4 अगस्त को डॉ. उमैर मंज़र ने ‘उर्दू शायरी में पर्यावरण’ विषय पर व्याख्यान दिया। इसके बाद अब्दुर रहमान ने ‘शैक्षणिक प्रबंधन में तकनीक: IUMS’ विषय पर जानकारी दी।

5 अगस्त को डॉ. निखत फातिमा ने ‘मानसिक स्वास्थ्य’ पर सत्र लिया, जबकि डॉ. श्रीनिवास बांदमीड़ी ने ‘शिक्षा और करियर’ विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

शिक्षा के तौर-तरीकों और स्वास्थ्य पर चर्चा

6 अगस्त को डॉ. तजम्मुल हक ने ‘शिक्षा और सीखने के शिष्टाचार’ विषय पर व्याख्यान दिया। इसके बाद केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (CCRUM) के पूर्व उप निदेशक हकीम वसीम अहमद आजमी ने ‘स्वास्थ्य और स्वच्छता’ विषय पर जानकारी दी।

उन्होंने बदलती खान-पान की आदतों का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए संतुलन और छोटी-छोटी लेकिन नियमित सावधानियों के महत्व पर जोर दिया।

7 अगस्त को डॉ. एस. मोहम्मद फैज़ ने ‘भाषा से संस्कृति तक: अर्थ की यात्रा’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भाषा, अर्थ और संस्कृति के बीच संबंध को समझाया। इसके बाद डॉ. नूर फातिमा के समन्वय में नए विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया।

विद्यार्थियों ने प्रतिभा का किया प्रदर्शन

कार्यक्रम की खास विशेषता नए विद्यार्थियों के परिचय सत्र रहे। इस दौरान छात्रों ने अपना परिचय देने के साथ अपनी प्रतिभा और व्यक्तित्व को भी प्रस्तुत किया।

औन, हिदायत अली, कोकब अली, मोहम्मद आसिफ, मिस्बाह-उल-इस्लाम, रुकनुद्दीन, फैजान अली, अब्दुल रज़ीक और मोहम्मद अनस की प्रस्तुतियों को विशेष रूप से सराहा गया।

कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों का संचालन और एंकरिंग डॉ. नूर फातिमा, डॉ. फिरदौस हमीद पारे, डॉ. इरफाज अहमद अफसाना, डॉ. नुज़हत अख्तर और डॉ. अमीना अंबरीन ने की।

प्रेरक फिल्म के साथ हुआ समापन

स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम की समन्वयक डॉ. नूर फातिमा ने कहा कि सभी व्याख्यान और संवादात्मक सत्र विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास, जागरूकता और समग्र व्यक्तित्व निर्माण को ध्यान में रखकर तैयार किए गए थे। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर संतोष व्यक्त किया।

समापन समारोह में प्रो. हुमा याकूब और डॉ. नूर फातिमा ने विशेषज्ञ वक्ताओं को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए। कार्यक्रम का समापन एक प्रेरक फिल्म की स्क्रीनिंग के साथ हुआ, जिसमें दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और लक्ष्य प्राप्ति के लिए perseverance का संदेश दिया गया।