आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) देने वाले छह अभ्यर्थियों ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट पर उनके द्वारा अंकित उत्तर और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा उपलब्ध कराई गई शीट की प्रतियों के बीच विसंगतियां थीं।
अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल याचिका का विशेष उल्लेख प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ के समक्ष किया गया और काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले मामले की सुनवाई का अनुरोध किया गया।
अभ्यर्थियों की ओर से पेश अधिवक्ता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि यह मामला उन छह छात्रों से जुड़ा है, जिन्होंने 600 और 650 से ज़्यादा अंक हासिल किए थे, लेकिन उनका दावा है कि एनटीए की ओर से अपलोड की गई ओएमआर शीट, परीक्षा के दौरान उनके द्वारा अंकित उत्तरों से अलग है।
उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि छात्रों ने एनटीए को ईमेल किया था और वे लोग (एनटीए) कार्यालय भी गए थे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद पीठ ने अभ्यर्थियों की याचिका की सुनवाई को अपनी सहमति दी।
नीट-यूजी 2026 परीक्षा शुरुआती तौर पर तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई और एनटीए द्वारा 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई।