अगरतला।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करते हुए प्रशासन को सेवाओं की गुणवत्ता और गति बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने छात्राओं की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य में स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टास्क मॉनिटरिंग सिस्टम की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, आधारभूत संरचना विकास तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यों में गति, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की आवश्यकता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सचिव शामिल हुए। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया गया और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
इससे पहले मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोमवार को अगरतला स्थित शिशु बिहार स्कूल में कक्षा 9 के विद्यार्थियों को साइकिल वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और महिलाओं के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण का उल्लेख किया कि महिलाओं के विकास के बिना देश और समाज का विकास संभव नहीं है, क्योंकि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उनकी शिक्षा के विस्तार के लिए राज्य सरकार भी उसी दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष राज्य के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को लगभग 41,800 साइकिलें वितरित की जा रही हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को समय पर विद्यालय पहुंचने में सुविधा देना और विशेष रूप से छात्राओं को शिक्षा के प्रति अधिक प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग की पहल पर यह कार्यक्रम भविष्य में भी जारी रहेगा ताकि अधिक से अधिक छात्राएं शिक्षा से जुड़ी रहें और उनकी पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने यह भी कहा कि त्रिपुरा में स्कूल ड्रॉपआउट की संख्या में अब उल्लेखनीय कमी आई है। उनके अनुसार, जब लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है तो केवल उनका ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार का विकास होता है। इससे समाज, राज्य और अंततः देश की प्रगति को भी नई गति मिलती है।
उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित ऐसी योजनाएं भविष्य में त्रिपुरा के सामाजिक और आर्थिक विकास को और मजबूत करेंगी।