आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मेडिकल प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) और कई अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले को लेकर छात्र सम्मेलन करेंगे, जिसकी शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से होगी। इसके बाद प्रयागराज, पटना और दिल्ली में भी वह इस तरह के सम्मेलनों के माध्यम से छात्रों से संवाद करेंगे।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि इन छात्र सम्मेलनों के माध्यम से नीट के विकेंद्रीकरण, परीक्षा शुल्क खत्म करने, पेपर लीक रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
कांग्रेस ने आठ जून को अपने महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक में फैसला किया था कि नीट मामले, चुनावों से पहले "सीट चोरी" किए जाने, बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा।
वेणुगोपाल ने शनिवार को एक बयान का कहा, "मल्लिकार्जुन खरगे के मार्गदर्शन और राहुल गांधी के सशक्त नेतृत्व में कांग्रेस ने पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, बेरोजगारी और मोदी सरकार द्वारा भारत के युवाओं के साथ किए जा रहे सुनियोजित विश्वासघात के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी अभियान के पहले चरण की घोषणा की है।"
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के बड़े सम्मेलन करेंगे, जिसकी शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा से होगी और फिर 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में भी सम्मेलन आयोजित होंगे।
उनके मुताबिक इन सम्मेलनों में छात्र, परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा, युवा संगठन, शिक्षक और परीक्षा "घोटालों" से सीधे प्रभावित, सभी लोग शामिल होंगे।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि उन लाखों युवा भारतीयों की मुश्किलों को सामने लाया जाएगा जिनका भविष्य पेपर लीक, परीक्षा की बढ़ती लागत और निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती और शिक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता के कारण बार-बार खतरे में पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, "इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत, पार्टी देश भर में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस कमेटी, जिला कांग्रेस कमेटी और स्थानीय इकाइयों के माध्यम से बड़े पैमाने पर छात्रों तक पहुंचने और उन्हें एकजुट करने के राहुल गांधी के आह्वान को आगे बढ़ाएगी।
वेणुगोपाल ने कहा, " लोगों के बीच मौजूदगी और डिजिटल माध्यम, कैंपस में संपर्क, कोचिंग सेंटरों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों और युवा केंद्रों पर बातचीत, सोशल मीडिया अभियान, लाइव स्क्रीनिंग और छात्रों के साथ सीधे संवाद जैसे कार्यक्रम बड़े पैमाने पर किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी का मानना है कि युवा भारतीयों की उम्मीदों की बलि भ्रष्टाचार, अक्षमता या राजनीतिक उदासीनता की भेंट नहीं चढ़नी चाहिए। इसी सोच के साथ, यह आंदोलन छात्रों को राजनीतिक जुड़ाव से ऊपर उठकर एकजुट करेगा और प्रभावित युवाओं को अपने अनुभव साझा करने तथा बार-बार परीक्षा में विफलता और पेपर लीक घोटालों के लिए जवाबदेही की मांग करने का मंच प्रदान करेगा।"
वेणुगोपाल ने कहा, "यह आंदोलन विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पहले उठाई गई मांगों को सड़कों पर ले जाएगा। इन मांगों में नीट का विकेंद्रीकरण, परीक्षा शुल्क खत्म करना, पेपर लीक रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और सरकार के उच्चतम स्तर पर जवाबदेही (जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा भी शामिल है) की मांगें शामिल हैं।"