जम्मू-कश्मीर में पर्यटन बढ़ाने पर थरूर का जोर

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 23-06-2026
Tharoor emphasizes boosting tourism in Jammu and Kashmir.
Tharoor emphasizes boosting tourism in Jammu and Kashmir.

 

जम्मू।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति ने सोमवार को जम्मू का दौरा किया। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंची समिति ने विभिन्न सरकारी अधिकारियों के साथ बैठकें कीं और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।

दौरे के दौरान समिति के सदस्यों ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात की। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय की ओर से दिल्ली से भेजे गए प्रतिनिधियों के साथ भी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।मीडिया से बातचीत करते हुए शशि थरूर ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की सराहना की और कहा कि देश की सुरक्षा के लिए वे जो कार्य कर रहे हैं, उसे हर भारतीय को स्वयं जाकर देखना चाहिए।

थरूर ने कहा, "बीएसएफ के जवान देश की सुरक्षा के लिए जो कार्य कर रहे हैं, वह वास्तव में सराहनीय है। मेरा मानना है कि हर भारतीय नागरिक को सीमा क्षेत्रों का दौरा कर यह देखना चाहिए कि हमारे सैनिक किस तरह कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा कर रहे हैं। यह मेरे लिए एक अद्भुत अनुभव रहा।"

उन्होंने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। थरूर ने कहा कि राज्य की प्राकृतिक सुंदरता दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करती है और इस क्षेत्र में सामान्य स्थिति तथा शांति का माहौल कायम रहना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर की खूबसूरती ऐसी है कि यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। हम निश्चित रूप से चाहते हैं कि पर्यटन और अधिक बढ़े और ज्यादा से ज्यादा लोग यहां आएं। कश्मीर में ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित होती रहें और लोगों का जीवन बिना किसी बाधा के चलता रहे।"

माता खीर भवानी यात्रा के बारे में पूछे जाने पर थरूर ने कहा कि वह पहले इस धार्मिक स्थल का दौरा कर चुके हैं, लेकिन इस बार व्यस्त कार्यक्रम के कारण यात्रा में शामिल नहीं हो पाएंगे।इससे पहले 19 जून को शशि थरूर ने एक ब्रीफिंग सत्र में हिस्सा लिया था, जिसमें विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने संसदीय समिति को भारत-चीन संबंधों, सीमा विवादों तथा भारत-पाकिस्तान संबंधों में हालिया घटनाक्रमों की जानकारी दी थी।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी इस पूर्व-प्रस्थान ब्रीफिंग में शामिल हुए थे। बैठक के बाद थरूर ने बताया कि समिति जम्मू, श्रीनगर, लेह और कारगिल का दौरा करेगी तथा इन क्षेत्रों में सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त करेगी।

उन्होंने कहा, "यह एक प्रारंभिक ब्रीफिंग थी, क्योंकि समिति जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर जा रही है। हम कारगिल में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित निगरानी स्थलों का भी दौरा करेंगे, जहां सेना के अधिकारी हमें जमीनी हालात से अवगत कराएंगे।"

भारत सरकार इस समय 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा भी जारी है। ऐसे समय में संसदीय समिति का यह दौरा सुरक्षा, कूटनीति और क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। समिति की सिफारिशें भविष्य की नीतियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।