Strong risk management will improve the working environment of Indian banks: Fitch
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय बैंकों को आने वाले समय में रिजर्व बैंक की बेहतर निगरानी और मजबूत पर्यवेक्षण व्यवस्था का फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे न सिर्फ बैंकिंग प्रणाली में जोखिम कम होंगे, बल्कि पूरे क्षेत्र का कामकाजी माहौल भी सुधरेगा। एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई है।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने एक रिपोर्ट में कहा कि मजबूत आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं और महंगाई के जोखिमों में कमी आने के साथ ये बदलाव बैंकिंग क्षेत्र के लिए सकारात्मक हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण हालात से निपटने, जोखिमों की निगरानी और खराब कर्ज की वसूली से जुड़े नियामकीय ढांचे में काफी सुधार हुआ है।
फिच ने कहा, "वित्त वर्ष 2015-16 से 2017-18 के बीच गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में तेज बढ़ोतरी के पीछे जिन कमजोरियों की भूमिका थी, उन्हें अब काफी हद तक दूर कर लिया गया है। फिलहाल बैंकिंग प्रणाली के प्रमुख आंकड़े कई वर्षों की सबसे मजबूत स्थिति में हैं।"
बैंकिंग क्षेत्र के कुल कर्जों में एनपीए का अनुपात वित्त वर्ष 2017-18 के 11.2 प्रतिशत से घटकर 2025-26 की पहली छमाही में 2.2 प्रतिशत रह गया है। इसी तरह, बैंकों की पूंजी स्थिति भी बेहतर हुई है।