आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
घरेलू शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन तेजी रही और सेंसेक्स करीब 790 अंक चढ़कर बंद हुआ। दूरसंचार, दवा और निजी बैंकिंग शेयरों में खरीदारी आने से बाजार को मजबूती मिली।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 789.74 अंक यानी 1.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,398.72 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स ने सत्र की मजबूत शुरुआत की लेकिन जल्द ही यह नकारात्मक क्षेत्र में चला गया। हालांकि, दूरसंचार और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी लौटने से यह एक समय 1,000 अंक से अधिक चढ़कर 75,681.88 अंक के स्तर तक पहुंच गया था।
वहीं, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी भी 277 अंक यानी 1.18 प्रतिशत चढ़कर 23,689.60 अंक पर बंद हुआ। इस तरह बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी का रुख कायम रहा।
सेंसेक्स की कंपनियों में भारती एयरटेल में सर्वाधिक पांच प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। कंपनी का वार्षिक राजस्व पहली बार दो लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, आईटीसी और एसबीआई जैसे शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।
वहीं इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक और मारुति सुजुकी के शेयरों में गिरावट रही।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद बाजार ने दिन के निचले स्तर से मजबूत वापसी की।’’
नायर ने कहा कि सरकार द्वारा रुपये की कमजोरी को संभालने के संभावित कदमों, जैसे विदेशी निवेशकों के लिए बॉन्ड कर राहत और पूंजी बहिर्गमन रोकने के उपायों की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
एशिया के अन्य बाजारों में मिश्रित रुख रहा। चीन का शंघाई कम्पोजिट और जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुए जबकि हांगकांग का हैंगसेंग स्थिर रहा। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त में रहा।