Airbnb, Tourism Ministry join hands to expand homestays, promote emerging destinations
नई दिल्ली
पर्यटन मंत्रालय और Airbnb ने भारत के होमस्टे इकोसिस्टम को मज़बूत करने और पारंपरिक पर्यटन स्थलों से आगे पर्यटन का विस्तार करने के लिए दो साल के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का फोकस होस्ट ट्रेनिंग, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और डेस्टिनेशन प्रमोशन पर है। इस समझौते के तहत, Airbnb मंत्रालय के लिए क्षमता-निर्माण और डिजिटल ऑनबोर्डिंग पार्टनर के तौर पर काम करेगा। यह संभावित और मौजूदा होमस्टे होस्ट को पर्यटन अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए ज़रूरी स्किल और टूल के साथ मदद करेगा। इस सहयोग में होस्ट वर्कशॉप और ट्रेनिंग रिसोर्स शामिल होंगे, जिनमें लिस्टिंग बनाना, कीमत तय करना, प्लेटफ़ॉर्म टूल और हॉस्पिटैलिटी के तरीके शामिल हैं। साथ ही, Airbnb होमस्टे मालिकों को अपने प्लेटफ़ॉर्म पर डिजिटल रूप से जोड़ने (ऑनबोर्डिंग) में भी मदद करेगा।
यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब सरकार कम प्रसिद्ध और उभरते पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने और पर्यटन से होने वाले आर्थिक फ़ायदों को स्थानीय समुदायों तक ज़्यादा व्यापक रूप से पहुँचाने की कोशिश कर रही है। मंत्रालय के अनुसार, दो साल के इस सहयोग के दौरान खास प्रोग्राम और पर्यटन स्थलों की पहचान की जाएगी और उन्हें लागू किया जाएगा। यह साझेदारी 'इनक्रेडिबल इंडिया' कैंपेन के तहत पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने वाली पहलों में भी मदद करेगी। इस कैंपेन का मकसद भारत की सांस्कृतिक विरासत, अलग-अलग पर्यटन स्थलों और स्थानीय यात्रा अनुभवों को दुनिया के सामने लाना है। केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि देश का पर्यटन परिदृश्य बदल रहा है। यात्री अब ऐसे असली अनुभव चाहते हैं जो उन्हें स्थानीय संस्कृति, विरासत और समुदायों से जोड़ें।
शेखावत ने कहा, "यह कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को मुख्यधारा के पर्यटन में लाने का एक अहम मौका है। साथ ही, इससे होमस्टे मालिकों, स्थानीय कारीगरों, युवा पर्यटन पेशेवरों और समुदायों के लिए पर्यटन अर्थव्यवस्था में भाग लेने और उससे फ़ायदा उठाने के नए रास्ते खुलेंगे।" उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी स्थानीय समुदायों के लिए ज़्यादा मौके बनाने और उभरते पर्यटन स्थलों को यात्रियों से जोड़ने में मदद कर सकती है।
Airbnb के भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कंट्री हेड अमनप्रीत बजाज ने कहा कि यह साझेदारी होस्ट को डिजिटल स्किल और टूल के साथ मदद करेगी और यात्रियों को पारंपरिक पर्यटन सर्किट से हटकर नई जगहों को देखने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
कंपनी अपने 'सोल ऑफ़ इंडिया' डिजिटल माइक्रोसाइट को भी हाइलाइट करेगी। यह साइट पर्यटन स्थलों, स्थानीय समुदायों और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ लाती है ताकि यात्रियों को कम प्रसिद्ध जगहों को देखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
कंपनी ने कहा कि इस साझेदारी से उभरते पर्यटन स्थलों में होमस्टे की उपलब्धता और विज़िबिलिटी बेहतर होगी और स्थानीय समुदायों के लिए मौके बनेंगे, जिससे पर्यटन का इकोसिस्टम ज़्यादा फैला हुआ और संतुलित बनेगा।