MANUU Admission 2026: कर्नाटक उर्दू अकादमी का बड़ा फैसला

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 10-06-2026
Australian wicketkeeper Alex Carey impressed by Nahid Rana; MANUU Admission 2026: Major decision by Karnataka Urdu Academy.
Australian wicketkeeper Alex Carey impressed by Nahid Rana; MANUU Admission 2026: Major decision by Karnataka Urdu Academy.

 

हैदराबाद:

पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई करने के इच्छुक कर्नाटक के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कर्नाटक उर्दू अकादमी ने मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) में पत्रकारिता एवं जनसंचार (Journalism and Mass Communication) के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले कर्नाटक के छात्रों की पूरी फीस प्रतिपूर्ति (Full Fee Reimbursement) करने का निर्णय लिया है। यह सुविधा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी।

MANUU के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. एहतेशाम अहमद खान ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्नाटक उर्दू अकादमी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, कर्नाटक राज्य के पात्र छात्र जो विश्वविद्यालय में बी.ए. (जेएमसी) ऑनर्स/रिसर्च तथा एम.ए. (जेएमसी) कार्यक्रमों में प्रवेश लेंगे, उनकी पूरी फीस अकादमी द्वारा वहन की जाएगी।

यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों में आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ने या प्रवेश न लेने की समस्या अक्सर सामने आती है। ऐसे में फीस प्रतिपूर्ति की यह योजना छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करेगी और उन्हें आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।

प्रो. एहतेशाम अहमद खान ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए कर्नाटक उर्दू अकादमी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल छात्रों के लिए लाभकारी होगा बल्कि पत्रकारिता के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करेगा। उनके अनुसार, इस योजना से कर्नाटक के अधिक से अधिक विद्यार्थी MANUU के पत्रकारिता एवं जनसंचार कार्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित होंगे।

उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्नाटक उर्दू अकादमी के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. मजहरुद्दीन खान तथा बेंगलुरु के वरिष्ठ पत्रकार आज़म शाहिद का भी विशेष रूप से धन्यवाद दिया। प्रो. खान ने कहा कि दोनों के सहयोग और प्रयासों से इस योजना को मंजूरी मिल सकी, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में अनेक छात्रों को मिलेगा।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर पैदा करती हैं। विशेष रूप से मीडिया और पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

MANUU देश के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है, जहां पत्रकारिता एवं जनसंचार के पाठ्यक्रमों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधुनिक मीडिया शिक्षा के लिए जाना जाता है। कर्नाटक उर्दू अकादमी का यह निर्णय उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है, जो मीडिया जगत में अपना करियर बनाना चाहते हैं लेकिन आर्थिक सीमाओं के कारण आगे नहीं बढ़ पाते।

इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले शैक्षणिक सत्रों में कर्नाटक से MANUU में पत्रकारिता पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।