नई दिल्ली।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (आरसीए) ने सिविल सेवा परीक्षाओं में अपनी अब तक की सबसे बड़ी सफलता का जश्न भव्य सम्मान समारोह और पहले एलुमनाई मीट के साथ मनाया। 4 जुलाई 2026 को एफटीके सीआईटी के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित "एक शाम आरसीए के नाम" कार्यक्रम में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, भारतीय वन सेवा, राज्य सिविल सेवा और अन्य केंद्रीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही आरसीए के पूर्व छात्रों को भी एक मंच पर लाकर संस्थान और उसके पूर्व विद्यार्थियों के बीच मजबूत रिश्ते का नया अध्याय शुरू किया गया।
यह कार्यक्रम आरसीए के 15 वर्ष के इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि पहली बार देश के विभिन्न हिस्सों में प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत पूर्व छात्र, नए चयनित अभ्यर्थी, उनके अभिभावक, शिक्षक और विश्वविद्यालय परिवार एक साथ जुटे। यह आयोजन केवल सफलता का उत्सव नहीं था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का भी अवसर बना।
समारोह में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ, रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी, कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, चीफ प्रॉक्टर, विभिन्न संकायों के डीन, निदेशक, प्रोवोस्ट, शिक्षक, पूर्व छात्र, चयनित अभ्यर्थी और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इस वर्ष आरसीए ने अपनी स्थापना के बाद सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 के दौरान अकादमी के 120 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, भारतीय वन सेवा, राज्य सिविल सेवा और अन्य प्रतिष्ठित केंद्रीय सेवाओं में हुआ। इसे आरसीए की अब तक की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कुरआन की तिलावत और जामिया तराना से हुई। आरसीए की प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. समीना बानो ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह समारोह केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि आरसीए की विभिन्न पीढ़ियों के बीच बने मजबूत रिश्ते का उत्सव है। उन्होंने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और पूरी आरसीए टीम के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने विशेष रूप से कुलपति, रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक, वित्त अधिकारी प्रो. मोहम्मद कमालुन नबी और सहायक प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. सबा महमूद बशीर के योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक हिस्सा चयनित अभ्यर्थियों और आरसीए के पूर्व छात्रों के अनुभव साझा करने का रहा। उन्होंने अपनी तैयारी, संघर्ष, चुनौतियों और सफलता की कहानी सुनाते हुए बताया कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया का सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उनके सपनों को साकार करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सिविल सेवा में चयन केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है। उन्होंने भावी अधिकारियों से ईमानदारी, निष्पक्षता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने अपने प्रेरक संबोधन में चयनित अभ्यर्थियों, उनके माता-पिता और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब ये युवा अधिकारी जामिया के मूल्यों और पहचान का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने उन्हें विनम्र, संवेदनशील और समाज के प्रति समर्पित रहने की सलाह देते हुए हमेशा अपने माता-पिता, शिक्षकों और देश के योगदान को याद रखने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सबा महमूद बशीर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विभागों, शिक्षकों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और मीडिया टीम का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन आरसीए लॉन में आयोजित रात्रिभोज के साथ हुआ, जहां पूर्व छात्रों, विश्वविद्यालय प्रशासन और चयनित अभ्यर्थियों ने भविष्य में आरसीए एलुमनाई नेटवर्क को मजबूत बनाने और सिविल सेवा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहतर मार्गदर्शन व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा की।
यह आयोजन जामिया मिल्लिया इस्लामिया की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक बना, जिसके तहत विश्वविद्यालय लगातार प्रतिभाशाली युवाओं को देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं के लिए तैयार कर रहा है और उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम कर रहा है।