'मैंने 41 नहीं, 165 सवाल हल किए थे': कर्नाटक की नीट अभ्यर्थी ने लगाया गड़बड़ी का आरोप

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 28-07-2026
'I solved 165 questions, not 41': Karnataka NEET aspirant alleges irregularities.
'I solved 165 questions, not 41': Karnataka NEET aspirant alleges irregularities.

 

हावेरी (कर्नाटक)।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 के परिणामों को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। कर्नाटक के हावेरी जिले की नीट अभ्यर्थी बिंदुश्री जगदीश पवार ने अपनी ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) उत्तर पुस्तिका में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि परीक्षा में उन्होंने 180 में से 165 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, लेकिन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी ओएमआर शीट में केवल 41 प्रश्नों का प्रयास दिखाया गया है। इसी वजह से उन्हें -11 अंक मिले, जबकि अंतिम उत्तर कुंजी के अनुसार उनका स्कोर 668 अंक होना चाहिए था।

मीडिया से बातचीत में बिंदुश्री ने कहा कि 16 जुलाई को एनटीए ने जो ओएमआर शीट जारी की, उसे उनकी मूल उत्तर पुस्तिका बताया गया। हालांकि, उसमें दर्ज जानकारी वास्तविक परीक्षा में उनके द्वारा भरे गए उत्तरों से मेल नहीं खाती।

उन्होंने कहा, "मैंने 180 में से 165 प्रश्न हल किए थे। अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर मुझे 668 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन जारी ओएमआर शीट में केवल 41 प्रश्न हल किए हुए दिखाए गए हैं और मेरा स्कोर -11 घोषित कर दिया गया है। इस ओएमआर शीट में कई तरह की विसंगतियां दिखाई दे रही हैं। मेरी सरकार और एनटीए से केवल यही मांग है कि मुझे मेरी मूल ओएमआर शीट सत्यापन के लिए उपलब्ध कराई जाए।"

बिंदुश्री का कहना है कि यदि उन्हें उनकी मूल उत्तर पुस्तिका दिखाई जाती है, तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की त्रुटि किसी छात्र के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

इस बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे सभी दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कुछ अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा परिणाम पूरी तरह सही हैं और सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कई ओएमआर शीट की तस्वीरें डिजिटल रूप से छेड़छाड़ (Manipulated) की गई हैं।

एनटीए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उसके संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें कुछ अभ्यर्थियों की कथित "सही" ओएमआर शीट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जा रही हैं और दावा किया जा रहा है कि घोषित परिणाम गलत हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि उसने ऐसे सभी मामलों की जांच की है और प्रत्येक मामले में परिणाम उसके मूल अभिलेखों के अनुरूप पाए गए हैं।

एनटीए के अनुसार, प्रत्येक अभ्यर्थी की वास्तविक ओएमआर उत्तर पुस्तिका पर सही रोल नंबर, टेस्ट बुकलेट नंबर, उत्तर पुस्तिका का बारकोड, सीरियल नंबर, टेस्ट बुकलेट कोड, अभ्यर्थी के हस्तलिखित विवरण, उसके हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान तथा दोनों कक्ष निरीक्षकों के हस्ताक्षर मौजूद होते हैं। यही दस्तावेज परीक्षा का आधिकारिक रिकॉर्ड माना जाता है।

एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी है कि फर्जी या संशोधित ओएमआर शीट तैयार करना, साझा करना या प्रसारित करना एक संज्ञेय अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024, भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल बिंदुश्री जगदीश पवार का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर अभ्यर्थी अपनी मूल ओएमआर शीट की जांच की मांग कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर एनटीए अपने रिकॉर्ड को सही बताते हुए सभी आरोपों को निराधार बता रहा है। ऐसे में इस विवाद का अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और उपलब्ध कराए जाने वाले आधिकारिक दस्तावेजों पर निर्भर करेगा।