US Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म, खुलेगा हॉर्मुज जलडमरूमध्य

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 15-06-2026
US-Iran Peace Deal: War between the US and Iran ends; Strait of Hormuz to open.
US-Iran Peace Deal: War between the US and Iran ends; Strait of Hormuz to open.

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली/ वाॅशिंगटन/ तेहरान

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से चल रहा खतरनाक युद्ध आखिरकार खत्म हो गया है। दोनों देशों ने एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर सहमति जता दी है। इस फैसले से वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय बाजार को बहुत बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मध्यस्थ देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस बड़े वैश्विक घटनाक्रम की पुष्टि की है। इस शांति समझौते से कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्विट्जरलैंड में शुक्रवार को होगा आधिकारिक समझौता

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने बताया कि दोनों देशों के बीच सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने पर सहमति बनी है। लेबनान में जारी संघर्ष भी इस दायरे में शामिल है। इस डील को अंतिम रूप देने के लिए कतर और पाकिस्तान ने अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। ईरान की राजधानी तेहरान में करीब 14 घंटे चली लंबी बातचीत के बाद इस समझौते का रास्ता साफ हुआ। दोनों देश आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस ऐतिहासिक दस्तावेज पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गारीबाबादी ने भी पुष्टि की है कि ईरान इस समझौते को शुक्रवार को हस्ताक्षर होने के बाद ही जमीन पर लागू करना शुरू करेगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने हटाई नौसैनिक नाकेबंदी

समझौते की पुष्टि करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की है। ट्रंप ने एलान किया कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को ईरान के बंदरगाहों से तुरंत नाकेबंदी हटाने के निर्देश दे दिए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को अब सभी देशों के जहाजों के लिए पूरी तरह टैक्स फ्री खोल दिया गया है। ट्रंप ने दावा किया कि यह नया समझौता ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं देगा और यह पिछले 2015 के परमाणु समझौते से कहीं ज्यादा मजबूत दीवार की तरह काम करेगा। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वे ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देंगे ताकि ईरान अपना कच्चा तेल वैश्विक बाजार में बेच सके।

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होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है दुनिया के लिए जरूरी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्ता है। वैश्विक स्तर पर कुल तेल आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। युद्ध की वजह से इस मार्ग पर ईरान का नियंत्रण बढ़ गया था जिससे कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। इस रास्ते के बंद होने से भारत सहित दुनिया भर के देशों में ईंधन की कमी और महंगाई का खतरा मंडरा रहा था। डील की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में चार फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।

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परमाणु कार्यक्रम पर 60 दिनों तक चलेगी बातचीत

हालांकि युद्ध विराम पर सहमति बन गई है लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुख्य विवाद अभी पूरी तरह नहीं सुलझा है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के मुताबिक ईरान के पास अभी बड़ी मात्रा में 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक मौजूद है। अमेरिकी हमलों में ईरान के तीन मुख्य परमाणु ठिकाने पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच अगले 60 दिनों तक विस्तृत तकनीकी बातचीत का दौर चलेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर ईरान इस समय सीमा के भीतर अंतिम परमाणु समझौते पर राजी नहीं होता है तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।

इजरायल और क्षेत्रीय ताकतों पर असर

यह समझौता ऐसे समय में आया है जब इजरायल लगातार लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले कर रहा था। इस पूरी वार्ता प्रक्रिया में इजरायल को सीधे तौर पर शामिल नहीं किया गया था जिससे इजरायली सरकार और अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेता इस डील की आलोचना कर रहे हैं। दूसरी तरफ ईरान की सरकारी मीडिया इस समझौते को अपनी रणनीतिक जीत के रूप में पेश कर रही है। तेहरान के सैन्य कमांडरों का दावा है कि अमेरिका को उनकी शर्तों के आगे झुकना पड़ा है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रमुख ने इस शांति समझौते का स्वागत करते हुए इसे मध्य पूर्व में स्थिरता लाने की दिशा में एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण कदम बताया है।