भारत को अमेरिका ने बताया अहम रणनीतिक साझेदार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 23-05-2026
US Calls India a Key Strategic Partner
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नई दिल्ली

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, सुरक्षा, रक्षा और आधुनिक तकनीक जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। अमेरिका ने भारत को अपना “महत्वपूर्ण साझेदार” बताया है।

प्रधानमंत्री मोदी और मार्को रुबियो की इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर भी मौजूद रहे।

बैठक के बाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इसे “बेहद उपयोगी और सकारात्मक” बातचीत बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। खासतौर पर सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।

सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत और अमेरिका एक स्वतंत्र और खुले इंडो पैसिफिक क्षेत्र के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारत को अमेरिका का “वाइटल पार्टनर” यानी बेहद अहम साझेदार बताया।

मार्को रुबियो शनिवार सुबह भारत पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी जेनेट डी रुबियो, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के वरिष्ठ अधिकारी रॉबर्ट गेब्रियल भी मौजूद थे।

भारत पहुंचने के बाद रुबियो सबसे पहले कोलकाता गए, जहां उन्होंने मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी का दौरा किया और वहां चल रहे सेवा कार्यों की सराहना की।

रुबियो ने एक्स पर लिखा कि मदर टेरेसा की विरासत और मानव सेवा की भावना को करीब से देखना उनके लिए सम्मान की बात रही। उन्होंने कहा कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी आज भी करुणा और सेवा का जीवंत उदाहरण है।

कोलकाता में किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का यह 14 साल बाद पहला दौरा माना जा रहा है। यह यात्रा 23 मई से 26 मई तक चलेगी। इस दौरान रुबियो आगरा, जयपुर और नई दिल्ली सहित कई शहरों का दौरा कर सकते हैं।

जानकारों के मुताबिक इस यात्रा का मुख्य फोकस रक्षा सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और क्वाड सहयोग को मजबूत करना रहेगा। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।

यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी प्रस्तावित है। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक हालात में भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश इंडो पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए भी रणनीतिक सहयोग बढ़ा रहे हैं।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक आगामी बैठकों में रक्षा साझेदारी, उन्नत तकनीक, व्यापारिक निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।