न्यूयॉर्क
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच United Nations ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वैश्विक व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने चेतावनी दी है कि इस अहम समुद्री मार्ग में बाधा आने से दुनिया भर में खाद्य आपूर्ति और मानवीय सहायता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस टास्क फोर्स का नेतृत्व Jorge Moreira da Silva करेंगे। इसमें UNCTAD, International Maritime Organization और International Chamber of Commerce जैसे प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जरूरत पड़ने पर अन्य एजेंसियों को भी जोड़ा जा सकता है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य तकनीकी समाधान तैयार करना है, जिससे हॉर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए खाद, कच्चे माल और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बिना बाधा जारी रह सके। यह तंत्र पहले लागू किए गए कुछ अंतरराष्ट्रीय मॉडलों से प्रेरित होगा, जिनका उपयोग युद्ध क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए किया गया था।
संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया संबंधित देशों के साथ समन्वय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करते हुए लागू की जाएगी। यदि यह पहल सफल होती है, तो इससे कूटनीतिक विश्वास बढ़ेगा और क्षेत्रीय संकट के समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।
इसी बीच, Donald Trump ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवादित बयान देते हुए इसे “Strait of Trump” कह दिया, हालांकि बाद में उन्होंने इसे जुबान फिसलने की बात बताई। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान पर दबाव बढ़ रहा है और वह बातचीत के लिए तैयार है।
दूसरी ओर, G7 देशों ने भी इस अहम समुद्री मार्ग में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस रास्ते को खुला रखना जरूरी है, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र है।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने यहां जहाजों के लिए नियंत्रण व्यवस्था लागू की है। हालांकि, भारत के शिपिंग मंत्रालय ने ऐसे दावों को खारिज करते हुए इन्हें “बेबुनियाद” बताया है।
कुल मिलाकर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव अब वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है और संयुक्त राष्ट्र की यह पहल इसे नियंत्रित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।