अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों को नई गति मिलने के संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच नई वार्ता शुरू होने जा रही है। उनके अनुसार, यह बातचीत स्थानीय समयानुसार सोमवार दोपहर से शुरू हो सकती है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्होंने हाल ही में ईरान पर प्रस्तावित बड़े सैन्य हमले को टालने की घोषणा की थी।
ब्रिटिश मीडिया बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान के साथ संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, "उन्हें हमले की गंभीरता का पूरा अंदाजा था क्योंकि उन्होंने इसकी तैयारियां देखी थीं। अब हम उनसे बातचीत कर रहे हैं और यह वार्ता कल दोपहर से शुरू होगी।"
इससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था कि ईरान और मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों ने उनसे सैन्य कार्रवाई को फिलहाल स्थगित करने का अनुरोध किया था। ट्रंप के अनुसार, ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि समझौते के प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनने की संभावना दिखाई दे रही थी।
हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अब तक ट्रंप के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान कई बार यह कहा है कि वह युद्ध के बजाय बातचीत के जरिए विवादों का समाधान चाहते हैं। इसके बावजूद, पिछले महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव और जवाबी सैन्य कार्रवाइयों का दौर भी देखने को मिला है।
एयर फोर्स वन में बातचीत के दौरान ट्रंप ने संभावित समझौते की समय-सीमा बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हम देखेंगे कि आगे क्या होता है। हम जब भी जरूरत होगी, तैयार हैं। मैं लोगों को मरते हुए नहीं देखना चाहता।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के मध्यस्थों ने उनसे सैन्य कार्रवाई रोकने का आग्रह किया था। ट्रंप ने कहा कि इन देशों का मानना था कि वार्ता के जरिए समाधान निकल सकता है और इसलिए हमला टालना बेहतर होगा।
ट्रंप के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनने की दिशा में प्रगति हुई है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी समझौते की संभावना मौजूद है।
वहीं, ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज़ एजेंसी ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि तेहरान ने अमेरिका से किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध नहीं किया। एजेंसी ने ट्रंप के बयान को "एक नया झूठ" करार दिया।
इस बीच ईरानी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ओमान की मध्यस्थता में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रस्तावित वार्ता कहां होगी और इसमें किन प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। ऐसे में पूरी दुनिया की निगाहें इस संभावित कूटनीतिक पहल पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यदि यह वार्ता सफल रहती है तो इससे पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ सकती है।