वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि युद्ध समाप्त करने और समझौते की दिशा में समय तेजी से निकलता जा रहा है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक संदेश साझा करते हुए लिखा, “समय तेजी से बीत रहा है।” उनके इस बयान के बाद एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह चेतावनी ऐसे समय दी है जब वह वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से मुलाकात करने वाले थे। बैठक से ठीक पहले ट्रंप ने ईरान के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा कि ईरान को जल्द फैसले लेने होंगे, वरना बहुत देर हो जाएगी। ट्रंप ने कहा, “अगर उन्होंने तेजी नहीं दिखाई तो उनके पास कुछ नहीं बचेगा। घड़ी की सुई तेजी से आगे बढ़ रही है।”
इसी बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका ने तेहरान के हालिया शांति प्रस्ताव पर अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी है। ईरानी समाचार संस्थानों का कहना है कि बातचीत में गतिरोध की सबसे बड़ी वजह वॉशिंगटन का स्पष्ट रुख सामने न आना है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार शर्तें बदल रहा है, जिससे समझौते की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
कुछ सप्ताह पहले ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में युद्ध समाप्त करने, होर्मुज जलडमरूमध्य को विदेशी जहाजों के लिए खोलने और परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए समझौते की बात कही गई थी। हालांकि पिछले सप्ताह ट्रंप ने इस प्रस्ताव को “अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया था।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने अमेरिकी प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ईरान का प्रस्ताव जिम्मेदार और उदार था। उनके अनुसार, तेहरान क्षेत्र में स्थिरता चाहता है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का पक्षधर है।
ईरानी अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के प्रस्ताव में कई अहम शर्तें शामिल थीं। इनमें सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना, लेबनान में ईरान समर्थित समूहों पर इजरायली हमले बंद करना, ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना और भविष्य में ईरान पर हमला न करने की गारंटी शामिल थी। इसके अलावा ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता को मान्यता देने की मांग भी रखी थी।
वहीं ईरानी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने दावा किया है कि अमेरिका ने जवाब में पांच नई शर्तें रखी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि ईरान केवल एक परमाणु संयंत्र चलाए और अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंप दे। इसे लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद और गहरे हो गए हैं।
हालांकि हाल के दिनों में ट्रंप के रुख में कुछ नरमी भी दिखाई दी है। शुक्रवार को उन्होंने संकेत दिया था कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 20 वर्षों की सीमा स्वीकार कर सकता है। इसे अमेरिका की पहले की उस मांग से पीछे हटना माना जा रहा है जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने की बात कही गई थी।
विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव का असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का प्रमुख मार्ग है और यहां अस्थिरता बढ़ने से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर वॉशिंगटन और तेहरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।