ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अपने रुख को नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने से जोड़ा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 20-01-2026
Trump linked his stance on Greenland to his denial of the Nobel Peace Prize
Trump linked his stance on Greenland to his denial of the Nobel Peace Prize

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अपने आक्रामक रुख को पिछले साल उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार न दिए जाने के फैसले से जोड़ा है। सोमवार को जारी एक संदेश में ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री से कहा कि अब उन्हें ‘‘ केवल शांति के बारे में सोचने की कोई बाध्यता’’ महसूस नहीं होती।
 
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे को ट्रंप का संदेश, नाटो सदस्य डेनमार्क के स्वशासित क्षेत्र ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की उनकी धमकियों को लेकर वाशिंगटन और उसके सबसे करीबी सहयोगियों के बीच गतिरोध को और बढ़ाता प्रतीत होता है।
 
शनिवार को ट्रंप ने घोषणा की कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड का समर्थन करने वाले आठ देशों, जिनमें नॉर्वे भी शामिल है, से आने वाले सामानों पर फरवरी से 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा। वहीं इन देशों ने इसका कड़ा विरोध किया।
 
अमेरिका के कई पुराने सहयोगियों का रूख है कि ग्रीनलैंड बिकने के लिए नहीं है, लेकिन उन्होंने वाशिंगटन को समाधान पर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
 
सोशल मीडिया पर एक बयान में, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख कजा कल्लास ने कहा कि इस गुट को "लड़ाई छेड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है" लेकिन वह "अपने रुख पर कायम रहेगा"।
 
व्हाइट हाउस ने रणनीतिक आर्कटिक द्वीप पर बलपूर्वक कब्ज़ा करने की संभावना से इनकार नहीं किया है। जब डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन से पूछा गया कि क्या ट्रंप ग्रीनलैंड पर आक्रमण कर सकते हैं, तो उन्होंने सोमवार को कहा कि "जब तक राष्ट्रपति स्वयं कोई निर्णय नहीं लेते, तब तक आप किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर सकते।’’
 
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी सोमवार को तनाव कम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इसका समाधान शांतिपूर्ण बातचीत के माध्यम से हो सकता है और होना भी चाहिए।"
 
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सैन्य कार्रवाई की कोई आशंका नहीं है। ग्रीनलैंड में अमेरिकी धमकियों का कड़ा विरोध हो रहा है।