ओनीका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
भारतीय मूल के लोग आज वैश्विक मंच पर हर क्षेत्र में अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। विज्ञान, व्यापार, शिक्षा और टेक्नोलॉजी के बाद अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी भारतीय प्रतिभा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से ताल्लुक रखने वाले युवा भारतीय मुस्लिम नेता जुनैद क़ाज़ी ने अमेरिका की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। वे अमेरिका के मार्लबोरो शहर से डिप्टी मेयर चुने गए हैं।
जुनैद क़ाज़ी की यह जीत सिर्फ एक पद प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों, बहुसांस्कृतिक पहचान और वैश्विक नेतृत्व की भावना का प्रतीक बनकर उभरी है। खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर हासिल की है। रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े एक भारतीय मुस्लिम नेता का डिप्टी मेयर बनना अमेरिकी राजनीति में एक ऐतिहासिक और उल्लेखनीय घटना माना जा रहा है।
साधारण परिवार से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक
भोपाल के एक सामान्य परिवार में जन्मे जुनैद क़ाज़ी का सफर प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा और परवरिश भोपाल में ही पाई। पेशे से सिविल इंजीनियर जुनैद ने तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि निरंतर मेहनत, स्पष्ट सोच और जनसेवा की भावना व्यक्ति को वैश्विक मंच तक पहुंचा सकती है। भोपाल की गलियों में पले-बढ़े जुनैद क़ाज़ी के बारे में शायद किसी ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि वे एक दिन अमेरिका के किसी शहर के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होंगे।
राजनीति में मजबूत कदम: सिटी काउंसिल से डिप्टी मेयर तक
जुनैद क़ाज़ी का राजनीतिक सफर अचानक शुरू नहीं हुआ। वर्ष 2025 में उन्होंने मार्लबोरो सिटी काउंसिल प्रेसिडेंट का चुनाव जीतकर अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। इस भूमिका में उन्होंने स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुविधाओं और सामुदायिक मुद्दों पर सक्रियता से काम किया।
स्थानीय लोगों के साथ सीधा संवाद, पारदर्शी कार्यशैली और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान उनकी पहचान बने। जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ती गई, जिसका नतीजा यह रहा कि उन्हें डिप्टी मेयर जैसे अहम पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
रिपब्लिकन पार्टी से भारतीय मुस्लिम नेता की जीत
जुनैद क़ाज़ी की राजनीतिक उपलब्धि इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े हैं। डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी से किसी भारतीय मुस्लिम नेता का डिप्टी मेयर बनना अमेरिकी राजनीति के पारंपरिक समीकरणों को चुनौती देता नजर आता है। इसे विविधता, समावेशन और लोकतंत्र की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि न्यूयॉर्क के मेयर बने जोहरान ममदानी और जुनैद क़ाज़ी की विचारधाराएं और राजनीतिक दल अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों की सफलता एक अहम संदेश देती है—भारतीय मूल के युवा मुस्लिम नेता अमेरिकी राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।
भोपाल में आज भी बसता है जुनैद का परिवार
जुनैद क़ाज़ी के पिता स्वर्गीय खालिक अंसारी भोपाल के आम वाली मस्जिद के पास रहते थे। उनका परिवार आज भी भोपाल में निवास करता है और विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं दे रहा है।
उनके बड़े भाई अब्दुल रहमान क़ाज़ी माइनिंग डिपार्टमेंट में अधिकारी हैं, दूसरे भाई करीम अंसारी सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं, जबकि छोटे भाई नवीद अंसारी ‘एमपी फोर्स’ नामक सिक्योरिटी एजेंसी संचालित करते हैं। उनकी बहन डॉ. आयशा आयुष विभाग में पंजीकृत डॉक्टर हैं।
भारत के लिए गर्व, युवाओं के लिए संदेश
जुनैद क़ाज़ी की सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत की विविधता, लोकतांत्रिक सोच और वैश्विक प्रभाव का प्रतीक है। उनका सफर यह संदेश देता है कि सीमाएं, भाषा और देश बदल सकते हैं, लेकिन मेहनत, ईमानदारी और नेतृत्व की भावना हर जगह सम्मान पाती है।
भोपाल से अमेरिका तक का यह सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है और यह साबित करता है कि भारतीय प्रतिभा आज विश्व राजनीति में भी निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखती है।