तेहरान:
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े सात दिवसीय शोक समारोह के दूसरे दिन हजारों लोगों ने तेहरान में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान खामेनेई के तीन बेटे—मुस्तफा, मेयसम और मसूद खामेनेई—अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के ताबूतों के पास नमाज़-ए-जनाज़ा में शामिल हुए। हालांकि, उनके उत्तराधिकारी और नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई समारोह में सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए।
ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, तेहरान स्थित इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला परिसर में आयोजित जनाज़े की नमाज़ में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विशाल धार्मिक परिसर में रखे गए ताबूतों के पास खामेनेई के तीनों बेटे मौजूद थे और उन्होंने अन्य शोकाकुल लोगों के साथ प्रार्थना की।
रिपोर्टों के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई, उनके परिवार के कई सदस्य और अन्य लोग 28 फरवरी को ईरान पर हुए हवाई हमलों में मारे गए थे। इसके बाद शुरू हुए संघर्ष ने कई सप्ताह तक क्षेत्र में तनाव बनाए रखा। बाद में युद्धविराम लागू हुआ, लेकिन इस संघर्ष में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
अंतिम संस्कार के तहत ईरान सरकार ने एक सप्ताह तक चलने वाले सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए हैं। पहले दिन वरिष्ठ ईरानी नेताओं और विदेशी प्रतिनिधियों को बंद परिसर में अंतिम दर्शन का अवसर दिया गया था। इसके बाद शनिवार को खामेनेई का ताबूत कांच के आवरण में आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया। उनके साथ उनकी बेटी, दामाद, बहू और 14 महीने की पोती के ताबूत भी रखे गए।
रविवार को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में हजारों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इनमें सैनिक, धार्मिक छात्र, महिलाएं और आम नागरिक शामिल थे। कई लोग ईरानी झंडे और विभिन्न बैनर लेकर पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक रूप से जनाज़े की नमाज़ में हिस्सा लिया।
समारोह के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकारी प्रसारण में मसूद खामेनेई को भावुक होकर आंसू पोंछते हुए भी दिखाया गया।
इस बीच, नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने न आने को लेकर अटकलें जारी हैं। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के हमले में उनके घायल होने की खबरें सामने आई थीं, हालांकि इस संबंध में ईरानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार की आगे की रस्मों के तहत तेहरान से क़ोम तक विशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को इराक के नजफ़ और कर्बला ले जाया जाएगा, जहां शिया समुदाय के पवित्र स्थलों पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित होंगे। अंतिम चरण में पार्थिव शरीर को वापस ईरान लाकर मशहद में दफनाया जाएगा।
ईरानी प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में लाखों लोगों के अंतिम यात्रा में शामिल होने की संभावना है। इसके लिए परिवहन, भोजन और ठहरने सहित व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।