वॉशिंगटन:
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत के दौरान यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए समाधान खोजने में सहयोग की पेशकश की है। यह जानकारी क्रेमलिन के वरिष्ठ विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने दी। उनके अनुसार, दोनों नेताओं के बीच लगभग 90 मिनट तक चली बातचीत में यूक्रेन संकट, आगामी नाटो शिखर सम्मेलन और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
यूरी उशाकोव ने बताया कि यह बातचीत अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से पहले हुई, जहां यूक्रेन युद्ध प्रमुख एजेंडे में शामिल रहने की संभावना है। उनके अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष को जल्द समाप्त करने और राजनीतिक एवं कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपनी इच्छा व्यक्त की।
रविवार को जारी बयान में उशाकोव ने कहा कि ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने और मौजूदा संकट से बाहर निकलने के लिए हरसंभव सहयोग देने की बात कही। उन्होंने इस वार्ता को "पेशेवर और रचनात्मक" बताते हुए कहा कि रूस अपने मूलभूत हितों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक और राजनयिक समाधान का पक्षधर है।
इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने भी पुष्टि की कि उन्होंने शनिवार को डोनाल्ड ट्रंप से अलग से बातचीत की। ज़ेलेंस्की के अनुसार, दोनों नेताओं ने लगभग 1,200 किलोमीटर लंबी युद्ध रेखा की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लिखा कि युद्ध समाप्त करने की वास्तविक संभावना मौजूद है और इसमें अमेरिका की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्ष अगले सप्ताह होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान इस विषय पर आगे की चर्चा जारी रखने पर सहमत हुए हैं।
7 और 8 जुलाई को अंकारा में आयोजित होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में अमेरिका सहित 32 सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में यूक्रेन युद्ध, यूरोपीय सुरक्षा और सामूहिक रक्षा जैसे मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श होने की संभावना है।
युद्ध के मौजूदा हालात पर उशाकोव ने कहा कि रूस का मानना है कि उसकी सेना लगातार बढ़त बना रही है और कई क्षेत्रों में नियंत्रण मजबूत कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन अपने यूरोपीय सहयोगियों के समर्थन से संघर्ष को लंबा खींच रहा है तथा रूस के ऊर्जा और तेल प्रतिष्ठानों पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले कर रहा है। उनके अनुसार, इन हमलों के कारण रूस के कुछ इलाकों में ईंधन आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
हालांकि, युद्धक्षेत्र की स्थिति को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं। हाल ही में रूस ने दावा किया कि उसकी सेना ने पूर्वी यूक्रेन के रणनीतिक महत्व वाले शहर कोस्त्यंत्यनिवका पर कब्जा कर लिया है। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और यूक्रेनी सेना ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि शहर अब भी उनके नियंत्रण में है।
गौरतलब है कि पिछले महीने राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने राष्ट्रपति पुतिन को प्रत्यक्ष द्विपक्षीय वार्ता का प्रस्ताव दिया था, लेकिन क्रेमलिन ने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। ऐसे में ट्रंप और पुतिन के बीच हुई ताज़ा बातचीत को यूक्रेन युद्ध के कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से किसी ठोस समझौते या नई शांति पहल की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है।