The Court will hear a petition seeking the safe return of 26 Indians from Russia.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें केंद्र को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह रूस में कथित तौर पर हिरासत में लिए गए 26 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए कदम उठाए।
याचिका पर संज्ञान लेते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने अदालत में उपस्थित सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इस मुद्दे पर निर्देश लेने को कहा।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील ने पीठ को बताया कि ये 26 व्यक्ति भारतीय नागरिक थे, जो रूस में फंसे हुए थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया था।
मेहता ने पीठ को बताया कि वह याचिका का परीक्षण करेंगे और (केंद्र से) निर्देश लेंगे। पीठ ने शीर्ष विधि अधिकारी को इस मामले में निर्देश लेने के लिए समय दिया और याचिका की सुनवाई इस महीने के अंत में तय की।
याचिका में केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह रूस में भारतीय दूतावास के माध्यम से तत्काल राजनयिक उपाय करे, ताकि हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिकों के ठिकाने, कानूनी स्थिति और सुरक्षा की जानकारी मिल सके।
इसमें कहा गया है कि केंद्र को उनकी सुरक्षा, कल्याण और भारत में सुरक्षित वापसी की सुविधा के लिए सभी आवश्यक राजनयिक कदम उठाने चाहिए, जहां भी अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसकी अनुमति हो।
इसमें सरकार को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि वह इन लोगों के संबंध में अधिकारियों द्वारा पहले से ही उठाए गए कदमों के बारे में अदालत को सूचित करे।
याचिका में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश राज्यों को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में सक्रिय उन अवैध एजेंट के खिलाफ जांच शुरू करें, जो भारतीय नागरिकों को झांसा देकर विदेश यात्रा करने के लिए प्रेरित करते हैं।
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