आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
‘निडी’ नामक बोत्सवाना ध्वज वाले एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टैंकर ने रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा निर्धारित मार्ग से फारस की खाड़ी से बाहर निकलने का प्रयास किया था, लेकिन शुक्रवार तड़के जहाज अचानक मुड़कर वापस लौट आया, जिससे यह पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है। नौवहन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने वाली एक कंपनी ने यह सूचना दी।
डेटा और एनालिटिक्स कंपनी ‘केप्लर’ के अनुसार, बृहस्पतिवार को चार टैंकर और तीन मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे जिससे युद्धविराम के बाद से गुजरने वाले जहाजों की कुल संख्या कम से कम 12 हो गई है।
हालांकि, ऐसे अन्य जहाज भी गुजरे होंगे जिन्होंने अपनी स्थिति की जानकारी नहीं दी। शांति काल में इस जलडमरूमध्य से आमतौर पर प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज गुजरते थे।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार शाम को ईरान युद्ध को रोकने वाले युद्धविराम समझौते के प्रभावी होने को लेकर संदेह व्यक्त किया था।
ट्रंप ने बृहस्पतिवार शाम को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘ईरान बहुत खराब काम कर रहा है। ईरान तेल को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने देने के संदर्भ में बहुत खराब काम कर रहा है। कुछ लोग इसे शर्मनाक कहेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच ऐसा कोई समझौता नहीं है।’’
इस पोस्ट से पहले ट्रंप ने एक और पोस्ट में कहा था, ‘‘ऐसी खबरें हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों से शुल्क वसूल रहा है - उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए और अगर वे ऐसा कर रहे हैं तो उन्हें अभी इसे बंद कर देना चाहिए!’’
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने युद्धविराम समझौते के तहत जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समर्थन किया है, लेकिन उसका कहना है कि ट्रंप ईरान की सेना का विरोध करते हैं जो जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजों पर ईरान द्वारा शुल्क लगाकर राजस्व बढ़ाने की कोशिश का भी ट्रंप विरोध करते हैं।