ईरान में कई धमाकों से बढ़ा तनाव, बुशेहर परमाणु संयंत्र के आसपास हमले की खबर

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 10-07-2026
Tensions rise in Iran following multiple explosions; reports of an attack near the Bushehr nuclear plant.
Tensions rise in Iran following multiple explosions; reports of an attack near the Bushehr nuclear plant.

 

दुबई:

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार को दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, बुशेहर, कोनारक और चोगादाक क्षेत्रों में विस्फोट हुए। बुशेहर वही शहर है जहां ईरान का प्रमुख परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना (IRNA) ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि बुशेहर शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक सैन्य ठिकाने को अमेरिका-इजरायल की ओर से दागे गए एक प्रक्षेपास्त्र ने निशाना बनाया। वहीं, सरकारी मीडिया ने यह भी दावा किया कि कोनारक स्थित ईरानी नौसेना के एक ठिकाने पर भी हमला किया गया।

हालांकि, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बुशेहर में सुनाई दिए कुछ धमाकों की आवाजें ईरानी वायु रक्षा प्रणाली द्वारा हमले को विफल करने के दौरान हुई कार्रवाई का परिणाम थीं। दूसरी ओर, मामले से जुड़े सूत्रों ने अल अरबिया इंग्लिश को बताया कि अमेरिकी सेना इस समय ईरान के भीतर सीधे सैन्य ठिकानों पर हमला नहीं कर रही है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान ने कुछ घंटे पहले ही खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। ये हमले अमेरिका द्वारा ईरान के दक्षिणी तटीय और पूर्वी प्रांतों में की गई सैन्य कार्रवाई के जवाब में किए गए बताए जा रहे हैं।

लगातार हो रहे इन हमलों ने लगभग तीन सप्ताह पहले हुए युद्धविराम समझौते को गंभीर संकट में डाल दिया है। इसी बीच ईरान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद स्थित पवित्र दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। पिछले एक सप्ताह से पूरे देश में उनके अंतिम संस्कार से जुड़े विशाल जुलूस और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही थीं।

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन अमेरिकी हवाई हमले में अयातुल्ला खामेनेई की मौत हुई थी। इसके बाद शुरू हुए लंबे संघर्ष में हजारों लोगों की जान गई और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई।

इस सप्ताह कतर और सऊदी अरब के तेल एवं गैस परिवहन जहाजों पर हुए हमलों ने भी क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन घटनाओं के बाद युद्धविराम को "समाप्त" घोषित कर दिया था।

ईरान का दावा है कि 8 और 9 जुलाई को हुए अमेरिकी हमलों में पांच प्रांतों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई और 78 अन्य घायल हुए। समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, एक हमले में रूस और चीन के साथ व्यापार के लिए इस्तेमाल होने वाले एक महत्वपूर्ण रेलवे पुल को भी निशाना बनाया गया।

उधर, ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में स्थित प्रारंभिक चेतावनी केंद्र तथा बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन डिपो पर जवाबी हमले किए हैं।

कुवैत सरकार ने पुष्टि की कि उसकी वायुसेना ने अपने हवाई क्षेत्र में एक क्रूज़ मिसाइल, तीन बैलिस्टिक मिसाइलों और दस ड्रोन को निष्क्रिय किया। गिरते मलबे से एक व्यक्ति घायल होने की भी सूचना है।

ईरान से दागी गई मिसाइलों के कारण जॉर्डन में भी चेतावनी सायरन बजाए गए। सरकारी एजेंसी के अनुसार, आठ मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया गया और किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

इस बीच तुर्किये और ओमान के विदेश मंत्रियों ने ईरान के विदेश मंत्री से अलग-अलग बातचीत कर क्षेत्र में सैन्य टकराव को और बढ़ने से रोकने तथा कूटनीतिक समाधान तलाशने पर जोर दिया है। खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।