होर्मुज़ के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर हादसे के बाद ईरान पर अमेरिकी हमले, तनाव फिर बढ़ा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 10-06-2026
Tensions escalate again following a US Apache helicopter crash near Hormuz and subsequent US attacks on Iran.
Tensions escalate again following a US Apache helicopter crash near Hormuz and subsequent US attacks on Iran.

 

वॉशिंगटन/बेरूत/दुबई:

होर्मुज़ जलडमरूमध्य के निकट एक अमेरिकी सेना के AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की कि उसने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है और इसे "ईरानी आक्रामकता के अनुपात में जवाब" बताया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में गश्त कर रहे एक अत्याधुनिक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों अमेरिकी पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। इसके बावजूद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस घटना का जवाब देना अपनी आवश्यकता समझता है।

इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में पहले से जारी संघर्ष विराम की संभावनाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में इज़राइल और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले रोकने की बात कही थी, लेकिन तेहरान ने चेतावनी दी थी कि यदि लेबनान में उसके सहयोगी हिज़्बुल्लाह पर हमले जारी रहे तो वह फिर से जवाबी कार्रवाई करेगा।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका सुरक्षित रहना चाहता है तो उसे इस क्षेत्र से दूर रहना चाहिए।

घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि पहली बार अमेरिकी नौसेना के एक स्वायत्त समुद्री ड्रोन (Autonomous Surface Vessel) का इस्तेमाल बचाव अभियान में किया गया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर ओमान के तट के निकट समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इसके बाद अमेरिकी नौसेना के कॉर्सेयर (Corsair) नामक ड्रोन ने दोनों चालक दल के सदस्यों को पानी से सुरक्षित निकाला और उन्हें समुद्र में एक अन्य स्थान तक पहुंचाया, जहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से आगे चिकित्सा सुविधा के लिए ले जाया गया।

सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि यह ड्रोन अपनी निकटता और तकनीकी क्षमता के कारण बचाव अभियान के लिए चुना गया था। लगभग दो घंटे के भीतर दोनों सैनिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। हालांकि हेलीकॉप्टर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है।

दूसरी ओर, तेहरान में इज़राइली हमलों में मारे गए ईरानी वायु रक्षा बल के दो जवानों का अंतिम संस्कार भी किया जाना है। इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों को नई चुनौती दे दी है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कूटनीतिक प्रयासों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि स्थिति अभी भी अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है।