स्पेन-जिब्राल्टर सीमा पर लगी बाड़ हटाई गई, आवाजाही के नए दौर की शुरुआत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 15-07-2026
Spain-Gibraltar border fence removed, opening a new era of movement
Spain-Gibraltar border fence removed, opening a new era of movement

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 स्पेन के दक्षिणी छोर और ब्रिटेन के क्षेत्र जिब्राल्टर के बीच प्रतिदिन आने-जाने वाले हजारों लोगों को अब भौतिक सीमा पार नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि बुधवार से सीमा पर लगी बाड़ पूरी तरह हटा दी गई जिससे लोगों की आवाजाही आसान हो गई।

मध्यरात्रि से लागू हुई यह व्यवस्था यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के बीच हुए एक ऐतिहासिक समझौते का हिस्सा है। यह संधि ब्रेक्जिट (ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने) के बाद कई वर्षों तक चली जटिल वार्ताओं के बाद संभव हो सकी।
 
करीब 38,000 की आबादी वाला जिब्राल्टर ब्रिटेन का विदेशी अधीनस्थ क्षेत्र है, जो आइबेरियन प्रायद्वीप के दक्षिणी सिरे पर स्थित है। यह मोरक्को से कुछ ही दूरी पर, उस स्थान पर बसा है जहां अटलांटिक महासागर और भूमध्य सागर मिलते हैं।
 
जब 2020 में ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हुआ, तब जिब्राल्टर और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी।
 
सीमा पार लोगों और सामान की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक बातचीत चली। अंततः 2025 में यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने इस मुद्दे पर सहमति की घोषणा की और मंगलवार को दोनों पक्षों के साथ जिब्राल्टर सरकार ने उस संधि पर हस्ताक्षर किए, जिससे सीमा पार करना काफी आसान हो गया।
 
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय मंत्री स्टीफन डौटी ने कहा कि यह समझौता जिब्राल्टर के दीर्घकालिक आर्थिक हितों और भविष्य को सुरक्षित करेगा।
 
यूरोपीय संघ के व्यापार प्रतिनिधि मारोश शेफचोविच ने भी इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘चार वर्षों तक धैर्य और जटिल बातचीत के बाद यह परिणाम सामने आया है। किसी सीमा की बाड़ को गिरते हुए देखना वास्तव में एक विशेष अनुभव है।’’
 
यदि यह समझौता नहीं होता, तो जिब्राल्टर और स्पेन के बीच कड़ी सीमा व्यवस्था लागू हो सकती थी, जिसमें पूर्ण पासपोर्ट जांच अनिवार्य होती। इससे जिब्राल्टर की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ता, क्योंकि वहां काम करने वाले स्पेन के लगभग 15,000 नागरिक (जो जिब्राल्टर के कुल कार्यबल का लगभग आधा हिस्सा हैं) हर दिन सीमा पार करके आते-जाते हैं।
 
इसके अलावा, दोनों ओर रहने वाले परिवारों और पर्यटकों की आवाजाही भी प्रभावित होती।