आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों- रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के एक समूह ने सीनेट में एक विधेयक पेश किया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के लिए भारत और चीन समेत पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव है।
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की पहल पर तैयार इस विधेयक में रूस से गैस खरीदने वाले 15 यूरोपीय देशों को शुल्क से छूट दी गई है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि रूस से उनकी खरीद उनकी कुल जरूरत का बहुत छोटा हिस्सा है और ये देश मॉस्को पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए कदम उठा रहे हैं। ग्राहम का रविवार तड़के निधन हो गया।
भारत और चीन के अलावा स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान भी 100 प्रतिशत प्रस्तावित शुल्क के दायरे में हैं।
कनेक्टिकट से डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मंगलवार शाम यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसे शुल्क संबंधी विधेयक कहा जा रहा है, लेकिन वास्तव में यह रूस के ऊर्जा क्षेत्र, वित्तीय क्षेत्र, रक्षा औद्योगिक आधार, धनाढ्य कारोबारियों, उद्योगपतियों और स्वयं व्लादिमीर पुतिन समेत रूसी अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से पर पूरी तरह रोक लगाने वाले प्रतिबंध लागू करता है।’’
ब्लूमेंथल ने कहा, ‘‘इसमें लक्षित शुल्क लगाने का प्रावधान है। यह शुल्क रूसी तेल के पांच प्रमुख खरीदारों तक सीमित होगा और इसकी दर 100 प्रतिशत तक हो सकती है। इसमें छूट देने का अधिकार भी बहुत सीमित रखा गया है। फिलहाल रूसी तेल के ये पांच प्रमुख खरीदार चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान हैं।’’