आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच ठप पड़ी वार्ता को फिर से शुरू कराने के प्रयास के तहत ईरान और कतर के नेताओं से अलग-अलग बातचीत की।
हाल में तनाव बढ़ने और दोनों युद्धरत पक्षों द्वारा एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद उनके बीच शांति प्रयासों को फिर पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में शुक्रवार रात यह बातचीत हुई।
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत के दौरान ‘‘क्षेत्र में हाल में बढ़े तनाव पर गहरी चिंता’’ जताई और ‘‘क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता’’ पर जोर दिया।
उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने का आग्रह किया जिससे पिछले कुछ महीनों में शांति की दिशा में हासिल हुईं उपलब्धियां खतरे में पड़ें।
शरीफ ने इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत की गई प्रतिबद्धताओं का पालन करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इसे क्षेत्र और उसके बाहर आपसी समझ, सम्मान तथा साझा समृद्धि को बढ़ावा देने वाला स्थायी ढांचा बताया।
शरीफ ने क्षेत्रीय ‘‘शांति के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता’’ को दोहराते हुए पेजेश्कियन को भरोसा दिलाया कि संवाद को संभव बनाने और शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के सभी प्रयासों में इस्लामाबाद ‘‘ईमानदार एवं गंभीर भूमिका’’ निभाने के लिए तैयार है।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ, उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और पाकिस्तान के अन्य वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया।
उन्होंने शांति के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए पाकिस्तान के रचनात्मक सहयोग एवं गंभीर प्रयासों की सराहना की।
दोनों नेताओं ने पिछले महीने पेजेश्कियन की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान किए गए फैसलों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत करने के लिए आगे की कार्रवाई तेज करने पर सहमति जताई।