यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भारत समेत 46 अन्य देशों के नागरिकों का इस्तेमाल कर रहा रूस : जेलेंस्की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 24-09-2026
Russia using citizens of 46 other countries, including India, in war against Ukraine: Zelensky
Russia using citizens of 46 other countries, including India, in war against Ukraine: Zelensky

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि रूस उनके देश के खिलाफ युद्ध में भारत और 40 से अधिक अन्य देशों के नागरिकों का इस्तेमाल कर रहा है तथा उन्होंने इन देशों से अपील की कि वे उन्हें ‘‘इस युद्ध में घसीटने’’ से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रोकें।

जेलेंस्की ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की आम बहस को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘और अभी मैं यूरोप से बात नहीं करना चाहता। मैं उन देशों से बात करना चाहता हूं, जिनके लोगों का रूस एक और बेहद क्रूर अभियान में इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकता है।’’
 
उन्होंने कहा कि यूक्रेन को युद्धबंदियों के रूप में कई देशों के नागरिक मिलते हैं और ये केवल उत्तर कोरिया के नागरिक नहीं हैं।
 
जेलेंस्की ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि रूस अपने युद्ध में 47 देशों के नागरिकों का इस्तेमाल कर रहा है। इस युद्ध में घाना, नेपाल, ताजिकिस्तान, भारत, यमन, केन्या, जिम्बाब्वे, क्यूबा, बेलारूस, सूडान, दक्षिण अफ्रीका और कई अन्य देश शामिल हैं। और समय-समय पर हमें कुछ युद्धबंदियों को उनके देश वापस भेजने के अनुरोध मिलते हैं।’’
 
उन्होंने कहा कि यूक्रेन को पता है कि युद्ध में लड़ रहे अन्य देशों के नागरिक भी युद्ध के मैदान में मारे जा रहे हैं।
 
जेलेंस्की ने कहा, ‘‘हम युद्ध के मैदान में ऐसे लोगों को भी मरते हुए देखते हैं, जो रूसी नहीं हैं, जो आपके देशों के लोग हैं, 47 देशों के लोग हैं और जो छल-कपट तथा चालों के जरिए रूस पहुंच गए।’’
 
उन्होंने इन 47 देशों के प्रत्येक प्रतिनिधि से सीधे अपील करते हुए कहा, ‘‘आप जानते हैं कि रूस आपके लोगों, आपके नागरिकों के साथ क्या कर रहा है। उनका ध्यान रखें और उन्हें किसी दूसरे मोर्चे पर जाने से रोकें। (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन को आपको इस युद्ध में घसीटने न दें। रूस को अपनी समस्याओं से निकलने, अपनी शर्म छिपाने और अपने पागलपन की कीमत आपके लोगों की जान से चुकाने न दें। उसके कार्रवाई करने की गुंजाइश सीमित करें। उसके धन के स्रोत सीमित करें। उसके युद्ध को सीमित करें।’’