न्यूयॉर्क:
कतर ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। कतर का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच टकराव और गहराया, तो इसका असर केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरा मध्य पूर्व “भयानक विनाश” की चपेट में आ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब वाशिंगटन ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने की कार्रवाई को लेकर सैन्य हस्तक्षेप की धमकी दी है।
मंगलवार को दोहा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने के परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि हालात बिगड़ने पर इसके परिणाम न सिर्फ क्षेत्र के लिए, बल्कि उससे बाहर भी विनाशकारी होंगे। यही वजह है कि कतर इस तरह की तबाही से हर संभव तरीके से बचना चाहता है।”
पिछले महीनों में अमेरिका-ईरान संबंधों में तनाव और गहरा हुआ है। जून में अमेरिकी परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान ने कतर में स्थित अमेरिकी अल-उदैद सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था। यह कतर की धरती पर हुआ एक अभूतपूर्व हमला था। इसके बाद कतर ने सक्रिय कूटनीति करते हुए वाशिंगटन और तेहरान के बीच तत्काल युद्धविराम कराने में अहम भूमिका निभाई।
इस बीच, ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुए व्यापक सरकार विरोधी प्रदर्शन सत्तारूढ़ नेतृत्व के लिए 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद की सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
व्हाइट हाउस ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हो रही कार्रवाई को रोकने के लिए हवाई हमलों पर विचार कर रहे हैं। इसके जवाब में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि ईरान किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप का जवाब देगा। उन्होंने अमेरिकी सैन्य बलों और जहाजों को “वैध लक्ष्य” बताते हुए उन पर हमला करने की धमकी दी।
नॉर्वे स्थित गैर-सरकारी संगठन ‘ईरान ह्यूमन राइट्स’ के अनुसार, अब तक 648 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें नौ बच्चे भी शामिल हैं। संगठन का कहना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है और कुछ अनुमानों में यह संख्या 6,000 से ज्यादा बताई जा रही है।
हालांकि, वाशिंगटन का कहना है कि ईरान के साथ बातचीत का कूटनीतिक रास्ता अब भी खुला है। कतर भी इसी दिशा में प्रयास कर रहा है। माजिद अल-अंसारी ने कहा कि कतर सभी पक्षों और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ संपर्क में है और उसे अब भी विश्वास है कि इस संकट का समाधान सैन्य टकराव के बजाय कूटनीति के जरिए निकाला जा सकता है।
स्रोत: एएफपी