बांग्लादेश ने फरवरी 12 चुनावों से पहले फैल रही गलत जानकारी से निपटने के लिए यूएन से मांगी मदद

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 14-01-2026
Bangladesh has sought help from the UN to combat the spread of misinformation ahead of the February 12 elections.
Bangladesh has sought help from the UN to combat the spread of misinformation ahead of the February 12 elections.

 

ढाका

बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय से समर्थन मांगा ताकि 12 फरवरी को होने वाले चुनावों के दौरान फैल रही गलत जानकारी (मिसइन्फॉर्मेशन) को नियंत्रित किया जा सके।

मुख्य सलाहकार यूनुस ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर चुनावों को लेकर फैल रही झूठी सूचनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा, “चुनावों को लेकर जानकारी का बाढ़ जैसा हाल है। यह झूठी खबरें और अफवाहें विदेशी मीडिया और स्थानीय स्रोतों दोनों से आ रही हैं। सोशल मीडिया पर इन झूठी खबरों और अटकलों की बाढ़ ने हमारे लिए चिंता बढ़ा दी है। इसका चुनावों पर असर पड़ सकता है।”

यूनिस ने इस मुद्दे पर फोन पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क से बातचीत की। इस पर टर्क ने कहा कि वह स्थिति से अवगत हैं और यूएन मानवाधिकार कार्यालय इस बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए बांग्लादेश के साथ सहयोग करेगा। उन्होंने कहा, “बहुत सारी गलत जानकारी फैल रही है। हम जो आवश्यक होगा, करेंगे। यूएन अधिकार एजेंसी इस मुद्दे से निपटने के लिए बांग्लादेश के साथ मिलकर काम करेगी।”

बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने आगामी जनमत संग्रह, संस्थागत सुधारों के महत्व, जबरन गायब किए गए व्यक्तियों की जांच के लिए आयोग (Enforced Disappearance Commission) के काम, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के गठन और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा की।

यूएन उच्चायुक्त ने जोर देकर कहा कि "सच्चे स्वतंत्र" राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन अत्यंत जरूरी है ताकि जबरन गायब किए गए लोगों से संबंधित कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनुस ने कहा कि NHRC अध्यादेश पहले ही लागू कर दिया गया है और फरवरी 12 चुनावों से पहले नया आयोग पुनर्गठित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम इसे चुनावों से पहले करेंगे।”

यूनुस ने यह भी बताया कि उन्होंने Enforced Disappearance Commission की अंतिम रिपोर्ट यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त के साथ साझा की है। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया जो 2009 से 2024 तक के निरंकुश शासन के दौरान जबरन गायब किए गए व्यक्तियों के लिए न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।इस कदम से बांग्लादेश सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी हों और झूठी सूचनाओं से वोटरों को भ्रमित नहीं किया जा सके।