मलिक असगर हाशमी /नई दिल्ली
नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान जामिया हमदर्द में शिक्षण के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। यदि आप उच्च शिक्षा के क्षेत्र में रुचि रखते हैं, प्रोफेसर बनने की योग्यता रखते हैं और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में पढ़ाने का अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जामिया हमदर्द ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति के लिए वॉक-इन इंटरव्यू का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह नियुक्ति संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर की जाएगी, लेकिन यहां काम करके प्राप्त अनुभव भविष्य में स्थायी और बेहतर अवसरों के द्वार खोल सकता है।

जामिया हमदर्द, भारत सरकार से सहायता प्राप्त एक डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी है, जिसे राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से A+ ग्रेड प्राप्त है। यह विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध कार्यों और पारंपरिक व आधुनिक ज्ञान के समन्वय के लिए देश-विदेश में जाना जाता है। विश्वविद्यालय ने विज्ञापन संख्या FR-01/2026 के अंतर्गत दिनांक 13 जनवरी 2026 को यह सूचना जारी की है।
इस अधिसूचना के अनुसार, जामिया हमदर्द के हमदर्द इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (HIIS) में असिस्टेंट प्रोफेसर के दो पदों पर नियुक्ति की जानी है। ये पद इंटरनेशनल रिलेशंस (अंतरराष्ट्रीय संबंध) विषय के लिए हैं और नियुक्ति पूरी तरह संविदा आधार पर होगी। इच्छुक उम्मीदवारों को वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से चयन प्रक्रिया में शामिल होना होगा।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, वॉक-इन इंटरव्यू मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। उम्मीदवारों को दोपहर 2:30 बजे रिपोर्ट करना होगा। इंटरव्यू का आयोजन जामिया हमदर्द कैंपस, नई दिल्ली-110062 स्थित प्रशासनिक भवन के प्रथम तल पर, कुलपति कार्यालय के पास स्थित बोर्ड रूम में किया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ स्थल पर पहुंचें।
असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवश्यक योग्यता भी स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है। उम्मीदवार का किसी यूजीसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से अंतरराष्ट्रीय संबंध या उससे संबंधित विषय में मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है। मास्टर डिग्री में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक या समकक्ष ग्रेड होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार का यूजीसी या सीएसआईआर द्वारा आयोजित नेट परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके समान मान्यता प्राप्त परीक्षाएं जैसे SLET, SET, GPAT या GATE भी मान्य होंगी। जिन उम्मीदवारों को यूजीसी के नियमों के अनुसार पीएचडी की उपाधि प्राप्त है, उन्हें नेट परीक्षा से छूट दी जा सकती है।
विश्वविद्यालय ने कुछ वांछनीय योग्यताएं भी बताई हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय में डॉक्टरेट (पीएचडी) रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, किसी प्रतिष्ठित संस्थान में शिक्षण, शोध, औद्योगिक या पेशेवर अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को भी वरीयता मिल सकती है। अच्छे शोध प्रकाशन (रिसर्च पब्लिकेशन्स) रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह अवसर और अधिक मजबूत हो जाता है।
वेतन और पारिश्रमिक की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को जामिया हमदर्द के नियमानुसार मानदेय दिया जाएगा। हालांकि यह पद अस्थायी है, लेकिन जामिया हमदर्द जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में काम करने का अनुभव उम्मीदवार के करियर को नई दिशा दे सकता है। शैक्षणिक जगत में यह माना जाता है कि इस प्रकार के संस्थानों में कार्य करने से न केवल शिक्षण अनुभव बढ़ता है, बल्कि शोध और अकादमिक नेटवर्क भी मजबूत होता है।
आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है। इच्छुक उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन भेजने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें सीधे वॉक-इन इंटरव्यू में शामिल होना है। फिर भी, विस्तृत जानकारी और आवेदन फॉर्म विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.jamiahamdard.ac.in पर उपलब्ध है। किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए उम्मीदवार विश्वविद्यालय के फोन नंबर 011-26053688 (एक्सटेंशन 5387/5306) पर संपर्क कर सकते हैं।
जामिया हमदर्द का इतिहास भी इसकी गरिमा और शैक्षणिक दृष्टि को दर्शाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1906 में हकीम हाफिज़ अब्दुल मजीद द्वारा स्थापित एक छोटे से यूनानी क्लिनिक से हुई थी। उनका सपना था कि यूनानी चिकित्सा पद्धति को वैज्ञानिक आधार पर विकसित किया जाए ताकि मरीजों को अधिक प्रभावी उपचार मिल सके। उन्होंने अपने इस प्रयास को “हमदर्द” नाम दिया, जिसका अर्थ है – सबके प्रति सहानुभूति और दुख में साझेदारी।

स्वतंत्र भारत में उनके सुपुत्र हकीम अब्दुल हमीद ने इस विरासत को आगे बढ़ाया। भारत विभाजन जैसे कठिन समय में भी उन्होंने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़े संस्थान की परिकल्पना की। उनका उद्देश्य इस्लामी संस्कृति के योगदान को उजागर करना और यूनानी चिकित्सा के माध्यम से मानवता की सेवा करना था। यही दृष्टि आगे चलकर जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय की स्थापना का आधार बनी।
आज जामिया हमदर्द का विज़न अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा प्रदान करना और सामाजिक, प्राकृतिक विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अत्याधुनिक शोध को बढ़ावा देना है। विशेष रूप से यह विश्वविद्यालय यूनानी चिकित्सा सहित पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के अध्ययन को प्रोत्साहित करता है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में समग्र और समन्वित दृष्टिकोण अपनाया जा सके। इसके साथ ही, समाज के वंचित वर्गों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करना भी विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विश्वविद्यालय का मिशन उच्च शिक्षा को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और उन्नत शोध के माध्यम से आगे बढ़ाना है। जामिया हमदर्द राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग कर शिक्षा और शोध के नए अवसर सृजित करता है। स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर पर उत्कृष्टता और नवाचार को बढ़ावा देना इसका मुख्य लक्ष्य है।
कुल मिलाकर, जामिया हमदर्द में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का यह अवसर उन युवाओं के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करता है, जो शिक्षा, शोध और समाज सेवा के क्षेत्र में अपना भविष्य देख रहे हैं। यह नौकरी न केवल अनुभव प्रदान करेगी, बल्कि शैक्षणिक जगत में एक सम्मानजनक पहचान बनाने में भी सहायक सिद्ध हो सकती है।