ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
नई दिल्ली में आयोजित नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 (NDWBF 2026) इस समय पूरे जोश के साथ जारी है, जहाँ दुनिया भर से आए पाठक, लेखक, प्रकाशक और संस्कृति प्रेमी बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कतर राज्य गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में भाग ले रहा है, जिसकी उपस्थिति मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।



वैश्विक मंच पर कतर की सांस्कृतिक पहचान का सशक्त प्रदर्शन
कतर के संस्कृति मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस मेले में भागीदारी वैश्विक स्तर पर देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसके माध्यम से कतर अपनी स्थानीय बौद्धिक, साहित्यिक और रचनात्मक विधाओं को एक विविध अंतरराष्ट्रीय दर्शक वर्ग के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है। यह पहल कतर को नवाचार, विचारों और सांस्कृतिक-सभ्यतागत विविधता के वैश्विक संगम के रूप में स्थापित करती है।

अरब और वैश्विक सांस्कृतिक परिदृश्य से जुड़ाव
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में कतर की भागीदारी अरब और वैश्विक सांस्कृतिक परिदृश्य के समर्थन में देश के निरंतर प्रयासों की कड़ी है। इस सहभागिता के ज़रिए सांस्कृतिक संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन गृहों के साथ सहयोग को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, यह पहल सांस्कृतिक आदान-प्रदान, वैश्विक अनुभवों के प्रति खुलेपन और रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।
पारंपरिक कतरी वास्तुकला से प्रेरित आकर्षक पवेलियन
मेले में कतर का पवेलियन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पारंपरिक कतरी वास्तुकला से प्रेरित इस पवेलियन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आगंतुकों को एक समग्र और समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त हो। यहाँ आगंतुक कतरी संस्कृति की झलक पा रहे हैं, देश के नवीनतम प्रकाशनों को देख रहे हैं और पारंपरिक हस्तशिल्प से परिचित हो रहे हैं।

विश्व पुस्तक मेले में क़तर का एक विशेष स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्टॉल पर आधुनिक तकनीक और रचनात्मकता का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉडल मौजूद है। यहां आगंतुक अपनी पसंद के केवल तीन शब्द चुनते हैं और एआई तुरंत उन्हीं शब्दों के आधार पर एक सुंदर कविता रच देता है। तकनीक के माध्यम से साहित्य को नए अंदाज़ में प्रस्तुत करने वाला यह स्टॉल खासतौर पर युवाओं और साहित्य प्रेमियों को खूब भा रहा है।
कतरी लोक विरासत का जीवंत और इंटरैक्टिव अनुभव
कतरी पवेलियन केवल पुस्तकों और प्रदर्शनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत सांस्कृतिक मंच के रूप में उभर रहा है। इंटरैक्टिव अनुभवों के माध्यम से आगंतुकों को कतरी लोककथाओं, परंपराओं और समय-सम्मानित सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिल रहा है। यह प्रस्तुति कतर की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत रूप में सामने लाती है।
संस्कृति संवाद का प्रभावी सेतु
दोहा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के निदेशक जासिम अहमद अल-बुऐनैन ने कहा कि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में कतर की मौजूदगी उसकी वैश्विक सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को दर्शाती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संस्कृति विभिन्न सभ्यताओं के बीच संवाद और मानवीय समझ को बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है, विशेष रूप से भारत जैसे देश में, जो विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक रहा है और जिसने वैश्विक ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया है।
साहित्य, विचार और कला की व्यापक प्रस्तुति
अल-बुऐनैन ने आगे बताया कि यह भागीदारी साहित्य, कविता, विचार और कला के क्षेत्रों में कतरी बौद्धिक सृजन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर रही है। इसके साथ ही यह वैश्विक मंचों पर अरब संस्कृति की उपस्थिति को सशक्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
अतीत और वर्तमान का संतुलित संगम
कतरी पवेलियन की रूपरेखा देश की पारंपरिक वास्तुकला से प्रेरित है, जो राष्ट्रीय पहचान को दर्शाने के साथ-साथ अतीत और वर्तमान के बीच के संबंध को भी उजागर करती है। इसमें प्रामाणिकता और आधुनिक रचनात्मकता का संतुलित मेल देखने को मिलता है, जो आगंतुकों को गहराई से प्रभावित कर रहा है।
विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी मेले की रौनक
मेले के दौरान कतर की ओर से एक विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें विचार-गोष्ठियाँ, साहित्यिक व्याख्यान और बौद्धिक चर्चाएँ शामिल हैं। इसके अलावा कतरी लोक नृत्य मंडली द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा पारंपरिक अर्धा नृत्य और अन्य लोक कलाएँ दर्शकों को कतरी सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अनुभूति करा रही हैं।
पारंपरिक हस्तशिल्प का सजीव प्रदर्शन
कतरी पवेलियन में पारंपरिक हस्तशिल्प का सजीव प्रदर्शन भी किया जा रहा है। यहाँ आगंतुक कारीगरों को काम करते हुए देख रहे हैं, उनकी बारीक कारीगरी को नजदीक से समझ रहे हैं और उनसे सीधे संवाद कर रहे हैं। यह अनुभव दर्शकों को कतरी शिल्प परंपरा से भावनात्मक रूप से जोड़ रहा है।
ज्ञान और संस्कृति के वैश्विक संवाद की मिसाल
कुल मिलाकर, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में कतर की भागीदारी ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के वैश्विक संवाद को नई दिशा दे रही है। यह न केवल कतरी बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर कर रही है, बल्कि भारत और कतर के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी और अधिक सुदृढ़ बना रही है।