आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कतर की राजधानी दोहा में स्थित केरल मुस्लिम सांस्कृतिक केंद्र (केएमसीसी) के कार्यालय से 31 लाख कतरी रियाल (करीब आठ करोड़ रुपये) लूटने वाले गिरोह से जुड़े एक आरोपी ने घटना के लगभग एक साल बाद कोयिलैंडी में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
व्यक्ति उस चार सदस्यीय समूह का सदस्य था जो केरल से विमान के जरिए दोहा पहुंचा था और केएमसीसी में लूटपाट को अंजाम दिया था।
कोयिलैंडी के रहने वाले परापिल बालकृष्णन ने बुधवार को कोयिलैंडी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
केएमसीसी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) से जुड़ा एक सांस्कृतिक और सामाजिक कल्याण संगठन है। आईयूएमएल केरलम में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) का एक प्रमुख सहयोगी दल है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेतृत्व ने इस मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है। बालकृष्णन पिछले साल हुए स्थानीय निकाय चुनाव में कोयिलैंडी से पार्टी का उम्मीदवार था।
लूटपाट की यह वारदात 18 सितंबर 2025 को दोहा के अल थुमामा स्थित केएमसीसी कार्यालय में हुई।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने एक रूम बॉय को बांध दिया, गैस कटर से तिजोरी का दरवाजा तोड़ा और नकदी लेकर फरार हो गए।