इस्लामाबाद
पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने तुर्किये के अंताल्या शहर में तीसरी बैठक की। इस बैठक में चारों देशों ने आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शनिवार को जारी बयान में यह जानकारी दी। यह बैठक ‘अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम’ के इतर आयोजित की गई थी।इस बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार, सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलट्टी शामिल हुए।
बैठक के दौरान चारों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक हालात पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में शांति और स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीति सबसे जरूरी साधन हैं।
विदेश कार्यालय के बयान के अनुसार, सभी देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई।बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आर्थिक विकास और साझा समृद्धि के लिए सहयोग बढ़ाना जरूरी है। चारों देशों ने एक सहयोगात्मक ढांचा तैयार करने की बात कही, जिससे आपसी रिश्ते और मजबूत हो सकें।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर कई चुनौतियां सामने हैं। इन हालात में इन देशों की यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में भी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है। इस वार्ता का उद्देश्य क्षेत्रीय संघर्षों को कम करना बताया जा रहा है।
हालांकि पिछले दौर की बातचीत में कोई ठोस समझौता नहीं हो सका था, फिर भी प्रयास जारी हैं।चारों देशों की यह तीसरी बैठक है। इससे पहले पहली बैठक सऊदी अरब में हुई थी। दूसरी बैठक पाकिस्तान में आयोजित की गई थी।
पाकिस्तान में हुई पिछली बैठक में उप प्रधानमंत्री इसहाक डार ने भी भाग लिया था। उन्होंने तब चारों देशों के बीच एक मजबूत सहयोग ढांचा बनाने पर जोर दिया था।विदेश मंत्रालय के अनुसार, इसहाक डार ने बैठक में शामिल देशों के बीच संबंधों को भाईचारे पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि इन देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर समान सोच है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि भविष्य में भी इस तरह की चर्चाएं जारी रखी जाएंगी ताकि क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।