मैक्रों ने कहा बमबारी बंद होने पर फ्रांस होर्मुज सुरक्षा में मदद करेगा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 18-03-2026
Macron said France would assist in the security of the Strait of Hormuz once the bombing ceases.
Macron said France would assist in the security of the Strait of Hormuz once the bombing ceases.

 

पेरिस

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उनका देश होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है, लेकिन यह मिशन पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से पूरी तरह अलग होगा।

मैक्रों यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फारस की खाड़ी में युद्धपोत भेजने के आह्वान के संदर्भ में कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फ्रांस इस क्षेत्रीय संघर्ष में सीधे शामिल नहीं होगा। उनका कहना था कि फ्रांस कभी भी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को मुक्त कराने या सैन्य अभियानों में हिस्सा नहीं लेगा।

राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि किसी भी सुरक्षा मिशन की सफलता के लिए ईरान के साथ संवाद और तनाव कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फ्रांस की भागीदारी केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने तक सीमित होगी और यह मौजूदा बमबारी और युद्ध अभियानों से पूरी तरह अलग होगा।

मैक्रों ने फ्रांस और यूरोपीय देशों की जिम्मेदारी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सभी प्रयास शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए होने चाहिए। उनका मानना है कि विवाद के बीच किसी भी तरह की सैन्य भागीदारी स्थिति को और बिगाड़ सकती है।

इससे पहले यूरोपीय देशों ने अमेरिकी आह्वान पर खाड़ी में अपने युद्धपोत भेजने पर विचार शुरू किया था। मैक्रों ने यह साफ किया कि फ्रांस किसी भी अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन में शामिल होने से पहले स्थिति का पूरी तरह से आकलन करेगा और केवल सुरक्षा और मानवीय उद्देश्यों के लिए कदम उठाएगा।

फ्रांस के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए आवश्यक है। होर्मुज जलडमरूमध्य तेल और गैस के वैश्विक परिवहन में अहम भूमिका निभाता है। किसी भी तरह की अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।

मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस क्षेत्रीय संकट को बढ़ाने वाले किसी भी कदम का हिस्सा नहीं बनेगा। उनका फोकस केवल शांति स्थापित करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता को मजबूत करने पर होगा।

विशेषज्ञ मानते हैं कि फ्रांस का यह रुख खाड़ी में संतुलन बनाए रखने और यूरोपीय सुरक्षा हितों की रक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यह कदम क्षेत्रीय देशों और वैश्विक शक्तियों के बीच तनाव कम करने में मदद कर सकता है।

इस बयान के साथ फ्रांस ने यह साफ कर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसका मिशन संघर्ष या युद्ध नहीं बल्कि शांति और सुरक्षा पर आधारित होगा।