जापान का फ़ूड सेक्टर: बढ़ती उम्र की आबादी के बीच भारत पर बढ़ता फोकस

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 22-06-2026
Japan's food sector targets India to offset ageing domestic market
Japan's food sector targets India to offset ageing domestic market

 

टोक्यो [जापान]
 
जापान के उद्योगों का स्वरूप वहां हो रहे सामाजिक बदलावों के अनुसार बदल रहा है। इसका मकसद विदेशी बाज़ार के साथ तालमेल बिठाते हुए कारोबार को लगातार बढ़ाना है। जापान में हो रहे सामाजिक बदलाव - जैसे आबादी में कमी, बढ़ती उम्र, बाज़ार का सिकुड़ना वगैरह - जापानी उद्योगों को अपनी बिज़नेस स्ट्रैटेजी बदलने पर मजबूर कर रहे हैं। सरकार इस बात को समझती है और उद्योगों में हो रहे बदलावों को सही दिशा दे रही है। जापानी सरकार ने 17 अहम औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें कृषि और मछली पालन के क्षेत्र में 'प्लांट फैक्ट्री' और ज़मीन पर मछली पालन (fish cultivation) की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। इन तरीकों पर जलवायु परिवर्तन का असर नहीं पड़ता और इनसे उत्पादों की लगातार सप्लाई सुनिश्चित होती है।
 
फिलहाल कृषि और मछली पालन से जुड़े उत्पादों के लिए विदेशी बाज़ार, खासकर भारत के बड़े बाज़ार पर ध्यान दिया जा रहा है। कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन मंत्रालय (MAFF) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल, केन सासाजी ने बताया, "भारत में जापानी खाद्य उत्पादों के लिए बहुत बड़ा बाज़ार है। सप्लाई नेटवर्क बनाने में समय लग सकता है। तैयारी के दौर में धैर्य रखना होगा, उसके बाद सप्लाई नेटवर्क धीरे-धीरे बढ़ेगा। इसके अलावा, खाद्य उत्पादों से जुड़े अन्य उद्योग भी बढ़ रहे हैं, जैसे कृषि मशीनरी, कोल्ड स्टोरेज की सुविधा, सुरक्षित और साफ़ ट्रांसपोर्ट सिस्टम वगैरह।"
 
कागोमे (Kagome) जापान की एक मशहूर फ़ूड प्रोसेसिंग कंपनी है जो मुख्य रूप से टमाटर का इस्तेमाल करती है। कागोमे ने 2018 में भारत में अपनी फैक्ट्री लगाकर कारोबार शुरू किया। यह भारतीय टमाटरों से पिज़्ज़ा सॉस, टोमैटो सॉस वगैरह बनाती है। भारतीय बाज़ार में विस्तार पर ध्यान देते हुए, कागोमे एक 'वैल्यू चेन' बनाने की योजना बना रही है - जिसमें कच्चे माल से लेकर प्रोसेसिंग और एक बड़ा सप्लाई नेटवर्क शामिल होगा।
 
सोया सॉस जापान का पारंपरिक मसाला है। किक्कोमैन (Kikkoman) सोया सॉस बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी है। किक्कोमैन सोया सॉस और भारतीय खाने के मेल पर रिसर्च कर रही है। अभी उनका ध्यान 'इंडो-चाइनीज़' खाने पर है। उनकी रिसर्च से सोया सॉस और भारतीय स्वाद के मेल को लेकर कोई बड़ी कामयाबी मिल सकती है।
 
कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन मंत्रालय (MAFF) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल, केन सासाजी ने जापानी खाद्य उद्योग की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए ज़रूरी हालात के बारे में बताया। "बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) तैयार करना ज़रूरी है। खासकर खाद्य उद्योग के लिए साफ़ पानी बहुत अहम है। इसके अलावा, ज़मीन के अधिकारों को स्पष्ट करना, टैक्स में छूट और बातचीत में पारदर्शिता रखना भी जापानी उद्योगों के लिए बहुत अच्छा रहेगा।"
जापानी उद्योगों की भारतीय बाज़ार में बहुत दिलचस्पी है। 
 
भारत सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में सुधार और इंसेंटिव (प्रोत्साहन) जैसे कदम उठा रही है। दोनों पक्ष अच्छे संबंध बनाने के लिए उत्सुक हैं। सबसे अहम बात यह है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की सोच और नज़रिए को समझें और उन्हें हकीकत में बदलें।