युद्धविराम के बावजूद इजराइल की गोलाबारी, लेबनान में बढ़ा तनाव

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 17-04-2026
Israeli Shelling Despite Ceasefire; Tensions Rise in Lebanon
Israeli Shelling Despite Ceasefire; Tensions Rise in Lebanon

 

दुबई

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका देते हुए इजराइल और लेबनान के बीच हुआ युद्धविराम लागू होने के तुरंत बाद ही उल्लंघन के आरोप सामने आने लगे हैं। लेबनानी सेना ने दावा किया है कि युद्धविराम प्रभावी होने के कुछ ही घंटों बाद इजरायली बलों ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में गोलाबारी जारी रखी, जिससे क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और Hezbollah के बीच युद्धविराम समझौता लागू हुआ था। इसके बाद राजधानी बेरूत में लोगों ने जश्न मनाते हुए हवा में गोलियां चलाईं और शांति की उम्मीद जताई। लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं सकी, क्योंकि आधी रात के बाद से ही दक्षिणी लेबनान के कई गांवों में गोलाबारी की खबरें आने लगीं।

लेबनानी सेना ने शुक्रवार सुबह बयान जारी कर कहा कि इजरायली सेना युद्धविराम के बावजूद रुक-रुक कर हमले कर रही है। सेना ने स्थानीय नागरिकों को सतर्क करते हुए अपील की कि वे अभी अपने घरों को लौटने में जल्दबाजी न करें, क्योंकि हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।

दूसरी ओर, इजरायली सेना ने इस ताजा आरोप पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, इससे पहले इजराइल की ओर से यह चेतावनी दी गई थी कि उसके सैनिक अभी भी दक्षिणी लेबनान के कई हिस्सों में तैनात हैं। इजरायल ने नागरिकों को लिटानी नदी के पार और सीमा से दूर रहने की सलाह दी थी, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि युद्धविराम के बावजूद इस तरह की घटनाएं शांति प्रक्रिया को कमजोर कर सकती हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच भरोसे की कमी बनी रहती है, तो क्षेत्र में स्थायी समाधान की संभावना और कठिन हो सकती है।

पश्चिम एशिया पहले से ही कई संघर्षों से जूझ रहा है, और इजराइल-लेबनान सीमा पर बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। खासतौर पर दक्षिणी लेबनान के नागरिकों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, जो लंबे समय से संघर्ष का सामना कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि मध्यस्थ देश और वैश्विक संगठन दोनों पक्षों पर संयम बरतने और युद्धविराम का सम्मान करने का दबाव बनाएंगे।

फिलहाल, जमीन पर हालात नाजुक बने हुए हैं और यह साफ नहीं है कि आने वाले दिनों में स्थिति शांत होगी या फिर संघर्ष और तेज हो जाएगा। ऐसे में क्षेत्र में शांति कायम रखना सभी पक्षों के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है।