तेल अवीव:
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय (पीएमओ) ने उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका को आशंका थी कि इज़रायल इस वर्ष की शुरुआत में ईरानी वार्ताकारों को निशाना बना सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन खबरों को "फेक न्यूज" और "हकीकत से पूरी तरह परे" बताया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा, "हमेशा की तरह, द न्यूयॉर्क टाइम्स की इज़रायल और ईरानी वार्ताकारों से जुड़ी ताजा खबर पूरी तरह फर्जी है। यह वास्तविकता का पूर्ण रूप से मनगढ़ंत चित्रण है।"
दरअसल, द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट, जिसका हवाला द टाइम्स ऑफ इज़रायल ने भी दिया, में दावा किया गया था कि अमेरिकी अधिकारियों ने इस्लामाबाद में हुई वार्ताओं के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ को अप्रत्यक्ष रूप से आगाह किया था कि इज़रायल उन्हें निशाना बना सकता है।
रिपोर्ट में वर्तमान और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि कुछ अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि 8 अप्रैल को हुए युद्धविराम के बाद के हफ्तों में इज़रायल ईरान के इन दोनों वरिष्ठ वार्ताकारों पर हमला करने की योजना बना सकता है। इसी आशंका के चलते अमेरिका ने क्षेत्र के कुछ अन्य देशों के अधिकारियों से भी कहा था कि वे तेहरान को संभावित खतरे के बारे में सतर्क करें।
हालांकि, इज़रायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि रिपोर्ट का वास्तविक घटनाओं से कोई संबंध नहीं है।
इस बीच, समाचार एजेंसी अल जज़ीरा ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि अतीत में भी इज़रायल पर क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान वार्ता प्रक्रिया से जुड़े लोगों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं। रिपोर्ट में सितंबर 2025 की उस घटना का भी जिक्र किया गया, जिसमें दावा किया गया था कि कतर की राजधानी दोहा में संघर्षविराम प्रस्ताव पर चर्चा के लिए एकत्र हमास के वार्ताकारों पर इज़रायल ने हमला किया था। हालांकि, इस संबंध में संबंधित पक्षों के अलग-अलग दावे रहे हैं।
उधर, इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुक्रवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, नेतन्याहू ने अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति ट्रंप को बधाई दी और दोनों नेताओं ने निकट भविष्य में अमेरिका में मुलाकात करने पर सहमति व्यक्त की। हालांकि, प्रस्तावित बैठक की तारीख और स्थान की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
इसी बीच, 1 जुलाई को कतर और पाकिस्तान ने अलग-अलग दौर की वार्ताओं में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत की। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है। दोनों पक्षों ने पूर्व ईरानी सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों के बाद जल्द ही अगले दौर की वार्ता आयोजित करने पर सहमति भी जताई है।
फिलहाल, ईरानी वार्ताकारों को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट और इज़रायल के आधिकारिक खंडन के बाद इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है, लेकिन संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।