गायिका राफा यासमीन को मिला साइबर सुरक्षा का बड़ा दायित्व

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 04-07-2026
Malda's Rafa Yasmin emerges as a new young face of cybersecurity.
Malda's Rafa Yasmin emerges as a new young face of cybersecurity.

 

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की युवा गायिका राफा यासमीन ने बहुत कम उम्र में यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा, मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारी साथ चलें तो सफलता की नई मिसाल बनती है। अपनी मधुर आवाज से देशभर में पहचान बनाने वाली राफा अब सिर्फ एक उभरती हुई सिंगर नहीं हैं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का नाम भी बन चुकी हैं। संगीत की दुनिया में लगातार सफलता हासिल करने के बाद अब उन्हें मालदा जिला पुलिस ने साइबर सेफ्टी एम्बेसडर नियुक्त किया है। यह सम्मान केवल उनकी लोकप्रियता का नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनके भरोसे और जिम्मेदारी का भी प्रमाण है।

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राफा यासमीन का जन्म 16 फरवरी 2009 को मालदा जिले के हैदरपुर क्षेत्र में हुआ। बचपन से ही उनके घर में संगीत का माहौल था। यही वजह रही कि महज ढाई साल की उम्र में उन्होंने संगीत की शिक्षा शुरू कर दी। उन्होंने सबसे पहले भारतीय शास्त्रीय संगीत की बुनियादी शिक्षा हासिल की। इसके साथ ही रवींद्र संगीत और नजरुल गीत की भी नियमित तालीम ली। छोटी उम्र में ही उनकी गायकी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचना शुरू कर दिया था। स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में उनकी प्रस्तुतियां हमेशा सराही जाती थीं।

राफा की पहली बड़ी उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर की ऑल इंडिया टैलेंट सर्च और मेरिट टेस्ट प्रतियोगिता में मिली। इस प्रतियोगिता में उन्होंने अलग अलग श्रेणियों में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। यह उपलब्धि उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई। इसी दौरान उन्हें कोलकाता के ऐतिहासिक जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी में पुरस्कार प्राप्त करने और संगीत प्रस्तुति देने का अवसर मिला। गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की स्मृतियों से जुड़े इस मंच पर प्रस्तुति देना किसी भी युवा कलाकार के लिए गर्व का विषय माना जाता है।

साल 2019 में राफा ने लोकप्रिय बंगाली रियलिटी शो सुपर सिंगर जूनियर में हिस्सा लिया। इस मंच ने उन्हें घर घर तक पहुंचा दिया। उनकी साफ आवाज, सुरों पर पकड़ और आत्मविश्वास से भरे प्रदर्शन ने दर्शकों के साथ साथ निर्णायकों को भी प्रभावित किया। इसके बाद उनकी पहचान केवल बंगाल तक सीमित नहीं रही।

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साल 2020 में राफा ने स्टार प्लस के राष्ट्रीय रियलिटी शो तारे जमीन पर में भाग लिया। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। देश के अलग अलग हिस्सों से आए प्रतिभाशाली बच्चों के बीच उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। इस मंच पर प्रसिद्ध संगीतकार और गायक शंकर महादेवन तथा लोकप्रिय गायिका जोनिता गांधी सहित कई बड़े कलाकारों ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की। इस कार्यक्रम ने राफा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।

हालांकि उनके संगीत जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि साल 2022 में सामने आई। उन्होंने जी टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स में हिस्सा लिया। मुंबई के इस बड़े मंच पर राफा ने अपनी आवाज, शास्त्रीय संगीत की मजबूत समझ और मंच संचालन की क्षमता से सभी का दिल जीत लिया। हर प्रस्तुति के साथ उनका आत्मविश्वास और परिपक्वता साफ दिखाई देती थी।

शो के दौरान प्रसिद्ध गायक कुमार शानू, संगीतकार जीत गांगुली और अन्य निर्णायकों ने उनकी प्रतिभा की खुलकर प्रशंसा की। प्रतियोगिता में राफा पांचवीं रनर अप रहीं और उन्हें छठा स्थान मिला। लेकिन दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता किसी विजेता से कम नहीं रही। उन्हें पुरस्कार के रूप में गिटार भी दिया गया। यह सम्मान उनके संगीत सफर की एक यादगार उपलब्धि बन गया।

मुंबई से प्रतियोगिता पूरी करके जब राफा मालदा लौटीं तो उनका भव्य स्वागत किया गया। जिले के लोगों ने उन्हें अपनी बेटी की सफलता के रूप में देखा। सामाजिक संगठनों से लेकर विभिन्न संस्थाओं ने उनका सम्मान किया। राज्य की मंत्री सबीना यासमीन भी उनके घर पहुंचीं और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह कभी गणी खान चौधरी ने मालदा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया था, उसी तरह आज राफा यासमीन अपनी गायकी के जरिए जिले की नई पहचान बन रही हैं।

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राफा ने अपनी पहचान केवल रियलिटी शो तक सीमित नहीं रखी। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ साथ पॉप, रॉक और लोक संगीत में भी लगातार अभ्यास किया। यही कारण है कि उनकी गायकी में विविधता दिखाई देती है। वह देश के कई शहरों में लाइव कार्यक्रम कर चुकी हैं। अपने स्वतंत्र गीतों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी के कारण भी उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उनके प्रशंसक उन्हें मेलोडी क्वीन, रॉकस्टार और एक्सप्रेशन क्वीन जैसे नामों से पुकारते हैं।

संगीत की इस शानदार यात्रा के बीच राफा ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझा। डिजिटल दुनिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव के साथ साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया धोखाधड़ी और डिजिटल उत्पीड़न जैसी घटनाएं युवाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही हैं। ऐसे समय में मालदा जिला पुलिस ने राफा यासमीन को साइबर सेफ्टी एम्बेसडर बनाने का फैसला किया।

इस पहल का उद्देश्य साफ है। राफा की लोकप्रियता और युवाओं के बीच उनकी मजबूत पहुंच का उपयोग साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में किया जाएगा। वह स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामाजिक अभियानों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और डिजिटल जिम्मेदारी का संदेश देंगी। पुलिस का मानना है कि युवाओं तक किसी सरकारी संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाने में ऐसे लोकप्रिय चेहरों की भूमिका बेहद अहम होती है।

राफा की यह नई जिम्मेदारी उनके व्यक्तित्व का एक अलग पक्ष सामने लाती है। वह केवल मंच पर गाने वाली कलाकार नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छाशक्ति भी रखती हैं। आज जब सोशल मीडिया युवाओं के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, तब जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार की सीख देना समय की बड़ी जरूरत है। राफा इस दिशा में एक प्रभावशाली भूमिका निभा सकती हैं।

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राफा यासमीन की कहानी उन हजारों बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर राष्ट्रीय मंचों तक का सफर तय किया। उन्होंने यह भी दिखाया कि लोकप्रियता का सही उपयोग समाज के हित में किया जा सकता है।

आज मालदा की यह युवा गायिका केवल अपने जिले की पहचान नहीं है। वह पश्चिम बंगाल की नई सांस्कृतिक पहचान बन चुकी हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होती, बल्कि समाज को जागरूक और सकारात्मक दिशा देने की ताकत भी रखती है। राफा यासमीन का अब तक का सफर इस बात का प्रमाण है कि सच्ची प्रतिभा मेहनत के साथ जुड़ जाए तो वह मंच से आगे बढ़कर समाज की आवाज भी बन सकती है।