इजराइल ने सीरिया के एयरबेस पर किया हमला, तनाव बढ़ा

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 19-08-2026
Israel attacks Syrian airbase; tensions rise.
Israel attacks Syrian airbase; tensions rise.

 

दमिश्क

इजराइल ने मंगलवार तड़के उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत स्थित अबू दुहूर एयरबेस पर हवाई हमले किए। इजराइली पक्ष ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सीरिया में तुर्की सैनिकों की संभावित तैनाती को रोकना था। हमले के बाद इजराइल और तुर्की के बीच सीरिया को लेकर बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

सीरियाई सरकारी टेलीविजन के अनुसार, एयरबेस के रनवे पर आठ हमले किए गए। इससे रनवे को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शिबानी ने दमिश्क में हमले की निंदा करते हुए इसे ‘‘इजराइली आक्रामकता’’ बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला बिना किसी औचित्य के किया गया है और सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन होने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।

इजराइल ने तुर्की की संभावित तैनाती को बताया वजह

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि सीरिया अब तक बनी सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को बदलने के करीब पहुंच गया था। इजराइल के अनुसार, सीरिया अबू दुहूर एयरबेस पर तुर्की सैनिकों की तैनाती की अनुमति देने की तैयारी कर रहा था।

इजराइली बयान में कहा गया कि सीरिया को बार-बार चेतावनी दी गई थी कि इस तरह की तैनाती इजराइल की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है, लेकिन सीरिया ने इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया।

तुर्की ने इजराइल के इस दावे को खारिज करते हुए हमले की कड़ी निंदा की। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजराइल की सीरिया में बढ़ती सैन्य कार्रवाई को रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।

अमेरिका ने भी हमले पर जताई चिंता

तुर्की में अमेरिकी राजदूत और सीरिया के लिए विशेष दूत टॉम बैरक ने कहा कि अमेरिका अबू दुहूर एयरबेस पर हुए इजराइली हवाई हमलों को लेकर ‘‘गहरी चिंता’’ में है। उन्होंने इसे क्षेत्रीय स्थिरता को आगे बढ़ाने वाली कार्रवाई के बजाय अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया।

बैरक के अनुसार, सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की सरकार ने न तो आक्रामक रुख अपनाया है और न ही प्रॉक्सी बलों को बनाए रखा है। उनका कहना था कि दमिश्क लगातार इजराइल के साथ तनाव कम करने की इच्छा जताता रहा है।

कतर, मिस्र और सऊदी अरब समेत कई क्षेत्रीय देशों ने भी इजराइली हमलों की निंदा की है।

सीरिया में तुर्की का बढ़ता प्रभाव

बशर अल-असद सरकार के दिसंबर 2024 में सत्ता से हटने के बाद सीरिया में इजराइल और तुर्की के बीच प्रतिस्पर्धा तथा तनाव बढ़ा है। इजराइल ने असद के पतन के बाद सीरिया में सैकड़ों हवाई हमले किए हैं। इनमें मुख्य रूप से सीरियाई सेना के सैन्य ठिकानों और उपकरणों को निशाना बनाया गया, ताकि वे नई सरकार के हाथ न लगें।

दूसरी ओर, तुर्की सीरिया की नई सरकार का प्रमुख सहयोगी बनकर उभरा है। अंकारा सीरियाई सेना के पुनर्गठन, प्रशिक्षण, संस्थागत निर्माण और बुनियादी ढांचे में मदद कर रहा है।

तुर्की के सत्तारूढ़ एके पार्टी के प्रवक्ता ओमर सेलिक ने कहा कि ताजा हमला एक बार फिर दिखाता है कि इजराइल की नीतियां क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से हैं।

सैन्य गतिविधियों को लेकर इजराइल चिंतित

सीरिया ने अगस्त की शुरुआत में उत्तर में रूसी निर्मित मिग-21 लड़ाकू विमानों के साथ सैन्य अभ्यास किया था। बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद यह इस तरह का पहला अभ्यास बताया गया।

इजराइली मीडिया के अनुसार, सुरक्षा अधिकारियों ने सीरिया की वायुसेना के पुनर्निर्माण के संकेत भी देखे हैं। इनमें नए पायलटों की भर्ती, उड़ान प्रशिक्षण और लड़ाकू विमानों से जुड़े अभ्यास शामिल हैं।

इजराइल और सीरिया के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में सुरक्षा समझौते को लेकर एक साल से अधिक समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है। ताजा हवाई हमले ने इस प्रक्रिया और क्षेत्रीय तनाव को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।